89. अप्राकृतपराक्रम- असाधारण पराक्रम वाले।
90. सत्यधर्मी- सत्य के रास्ते पर चलने वाले।
91. सखा- भक्तों के मित्र।
92. सरसाम्बुनिधि- दूर्वा से जुड़े प्रिय स्वरूप।
93. महेश- महान और शिवपुत्र।
94. दिव्यांग- दिव्य अंगों वाले।
95. मणिकिंकिणीमेखल- रत्नों वाली करधनी धारण करने वाले।
96. समस्तदेवतामूर्ति- सभी देवताओं के स्वरूप से जुड़े।
97. सहिष्णु- शांत और सहनशील।
98. सततोत्थित- हमेशा आगे बढ़ने वाले।
99. विघातकारी- बाधाओं को दूर करने वाले।
100. विश्वग्दृक्- पूरे विश्व पर दृष्टि रखने वाले।
101. विश्वरक्षाकृत्- संसार की रक्षा करने वाले।
102. कल्याणगुरु- कल्याण का मार्ग दिखाने वाले गुरु।
103. उन्मत्तवेष- आनंदमय रूप वाले।
104. अपराजित- जिन्हें हराया नहीं जा सकता।
105. समस्तजगदाधार- पूरे संसार के आधार।
106. सर्वैश्वर्यप्रद- सभी प्रकार का ऐश्वर्य देने वाले।
107. आक्रान्तचिदचित्प्रभु- चेतन और अचेतन जगत के ज्ञान से जुड़े प्रभु।
108. श्री विघ्नेश्वर- सभी विघ्नों को दूर करने वाले।