
Best direction for diya: पूजा-पाठ के दौरान दीपक जलाने की परंपरा बहुत पुरानी है। मंदिर हो या घर का पूजा स्थान, आरती और पूजा के समय दीपक जरूर जलाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार- दीपक सिर्फ रोशनी की कोई चीज नहीं है, बल्कि ज्ञान, सकारात्मकता और ईश्वर की कृपा का प्रतीक माना जाता है। लेकिन मन में सवाल आता है- दीपक किस दिशा में जलाना चाहिए? घर में किस जगह दीपक रखने से शुभ माना जाता है? आइए जानते हैं।
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हिंदू धर्म में अग्नि को पवित्र माना गया है। अग्नि को देवताओं तक पूजा और प्रार्थना पहुंचाने वाला माध्यम भी माना जाता है। दीपक जलाने से घर में पॉजिटिव एनर्जी आती है और अंधकार दूर होता है। दीपक की लौ को ज्ञान और ईश्वर की मौजूदगी का प्रतीक माना जाता है। इसी वजह से पूजा शुरू करने से पहले दीप जलाने की परंपरा है।
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मान्यताओं के अनुसार- दीपक जलाने के लिए कुछ दिशाओं को शुभ माना गया है।
1. पूर्व दिशा में दीपक जलाना
पूर्व दिशा को सूर्य देव और प्रकाश की दिशा माना जाता है। पूर्व दिशा की ओर दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और जीवन में नई शुरुआत के लिए शुभ फल मिलते हैं। कई लोग सुबह की पूजा के समय पूर्व दिशा की ओर दीपक रखते हैं।
2. उत्तर दिशा में दीपक जलाना
उत्तर दिशा को भगवान कुबेर और माता लक्ष्मी से जोड़कर देखा जाता है। उत्तर दिशा में दीपक जलाने से धन, सुख और समृद्धि की प्राप्ति के लिए पॉजिटिव माहौल बनता है। इसलिए कई घरों में शाम की पूजा के समय उत्तर दिशा में दीपक रखते हैं।
3. दक्षिण दिशा में दीपक जलाने की मान्यता
हिंदू परंपरा में दक्षिण दिशा को पितरों और यम देव से जुड़ी दिशा माना जाता है। कुछ धार्मिक मान्यताओं के अनुसार- हर दिन पूजा के लिए दक्षिण दिशा में दीपक रखने से बचा जाता है, जबकि पितरों से जुड़े कामों में दक्षिण दिशा का खास महत्व माना गया है।
पूजा घर में दीपक ऐसी जगह रखना चाहिए, जहां उसकी लौ सीधे भगवान की मूर्ति या तस्वीर के सामने हो। कई परंपराओं में दीपक को भगवान के दाहिनी ओर रखने की मान्यता मिलती है।
हिंदू धर्म में घी और तेल दोनों के दीपक का महत्व बताया गया है।
घी का दीपक: घी का दीपक भगवान की पूजा में विशेष शुभ माना जाता है। इसे शुद्धता और सात्विकता का प्रतीक माना जाता है।
तेल का दीपक: सरसों या तिल के तेल का दीपक भी धार्मिक कामों में इस्तेमाल होता है। कई लोग शनिवार और कुछ खास पूजा में तेल का दीपक जलाते हैं।
जब भगवान श्रीराम 14 साल का वनवास पूरा करके अयोध्या लौटे थे, तब लोगों ने खुशी में दीप जलाकर उनका स्वागत किया था। इसी परंपरा से दीपों का त्योहार दीपावली से जुड़ गया। दीपक को विजय, खुशी और शुभता का प्रतीक माना जाता है।
- दीपक हमेशा साफ स्थान पर रखें।
- दीपक जलाते समय मन में श्रद्धा रखें।
- पूजा स्थान को साफ-सुथरा रखें।
- दीपक को अचानक से ना बुझाएं।
- दीपक की लौ का सम्मान करें।