क्या सूर्य ग्रहण में सच में 'जहरीला' हो जाता है खाना? जानिए सालों पुरानी इस बात पर साइंस का जवाब

Published : Aug 12, 2026, 08:30 AM IST
Solar Eclipse

सार

Solar Eclipse Myth: सूर्य ग्रहण के दौरान खाने को फेंकने या उसमें तुलसी पत्तियां डालने की परंपरा सदियों पुरानी है। लेकिन क्या सच में ग्रहण में खाना खराब होता है? जानिए सच

Solar Eclipse Food Myths: बुधवार, 12 अगस्त को सूर्यग्रहण लग रहा है। यह ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा, इसलिए सूतक काल का प्रभाव भी नहीं रहेगा। सूर्यग्रहण को लेकर हमारे समाज में कई सालों से तरह-तरह की बातें सुनने को मिलती हैं। इनमें एक दावा यह भी है कि ग्रहण के दौरान खाना खराब हो जाता है या उसमें जहरीले तत्व बनने लगते हैं। इसी वजह से कई घरों में ग्रहण से पहले पका हुआ खाना फेंक दिया जाता है या ग्रहण के समय खाना-पीना बंद कर दिया जाता है। लेकिन सवाल यह है कि क्या सूर्यग्रहण का खाने पर वाकई कोई ऐसा असर पड़ता है? क्या चांद के सूरज को ढक लेने से खाने में बैक्टीरिया अचानक तेजी से बढ़ने लगते हैं? या फिर यह सिर्फ सालों पुरानी मान्यता है? आइए जानते हैं साइंस क्या कहता है...

क्या ग्रहण के दौरान खाना सच में खराब हो जाता है?

वैज्ञानिकों के अनुसार, सूर्यग्रहण लगने से किसी खाने की चीज में अचानक कोई ऐसा बदलाव नहीं होता, जिससे वह अपने आप जहरीली बन जाए। सूर्यग्रहण एक खगोलीय घटना है। इस दौरान चांद कुछ समय के लिए सूरज और धरती के बीच आ जाता है और धरती के कुछ हिस्सों से देखने पर सूरज की रोशनी को ढक देता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ग्रहण के समय खाने की केमिस्ट्री अचानक बदल जाती है। 12 अगस्त 2026 को होने वाले पूर्ण सूर्यग्रहण के दौरान भी यही प्रक्रिया होगी। NASA के अनुसार, इसका पूर्ण चरण ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी रूस और स्पेन समेत कुछ इलाकों से दिखाई देगा।

फिर खाने को लेकर डर क्यों पैदा हुआ?

अगर साइंस यह कहता है कि खाना खराब नहीं होता, तो फिर हमारे बड़े-बुजुर्ग ऐसा क्यों कहते हैं? इसके पीछे भी एक बहुत ही लॉजिकल कारण है, जो पुराने जमाने से जुड़ा है। वैज्ञानिकों के अनुसार, पुराने समय में जब बिजली (Electricity) नहीं होती थी, तब ग्रहण के वक्त अचानक दिन में अंधेरा छा जाता था। उस अंधेरे में खाने के अंदर कीड़े-मकोड़े, छिपकली या धूल गिरने का डर रहता था। सूरज की धूप में नेचुरल एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। पुराने जमाने में जब फ्रिज नहीं थे, तब लोगों को लगता था कि सूरज की रोशनी छिपने से खाने में बैक्टीरिया जल्दी पनप सकते हैं। इन्हीं वजहों से पुराने लोगों ने ग्रहण के वक्त खाना ढककर रखने, तुलसी की पत्तियां डालने (तुलसी में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं) या पका हुआ खाना न खाने का नियम बनाया था। लेकिन आज के दौर में, जब हमारे पास फ्रिज और एयर-टाइट कंटेनर हैं, तो इन नियमों की साइंटिफिक रूप से कोई जरूरत नहीं रह जाती है।

क्या सूर्य की रोशनी कम होने से खाना खराब होता है?

ग्रहण के दौरान किसी जगह पर कुछ समय के लिए सूरज की रोशनी कम हो सकती है और तापमान में भी हल्का बदलाव आ सकता है। वैज्ञानिक अध्ययनों में ग्रहण के दौरान वातावरण और तापमान में बदलाव दर्ज किए गए हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कुछ मिनट या घंटों के ग्रहण से खाना अचानक जहरीला हो जाता है। NASA ने भी साफ किया है कि ग्रहण के दौरान ऐसा कोई खास खतरनाक रेडिएशन पैदा नहीं होता, जो खाने को जहरीला बना दे। NASA के 'Eclipse Resources' में 'ग्रहण के दौरान खाना जहरीला हो जाता है' वाले दावे को मिथ (Myth) के तौर पर समझाया गया है।

क्या ग्रहण की किरणें खाने में जहर बना देती हैं?

इस दावे का कोई भरोसेमंद वैज्ञानिक आधार नहीं है। ग्रहण के दौरान सूरज की रोशनी कुछ समय के लिए चांद की वजह से ढकती है। इसका मतलब यह नहीं है कि कोई नई जहरीली किरण निकलने लगती है और खाने में जहर पैदा कर देती है। अगर ऐसा होता, तो सिर्फ घर में रखा खाना ही नहीं बल्कि खुले में मौजूद पेड़-पौधे, खेत और बाकी चीजें भी प्रभावित होतीं। NASA ने इसी तर्क के जरिए इस पुराने मिथक को खारिज किया है।

वैज्ञानिकों ने बैक्टीरिया पर भी किया है अध्ययन

सूर्यग्रहण के दौरान सूर्य की रोशनी और बैक्टीरिया के व्यवहार को लेकर अध्ययन भी किए गए हैं। 2012 में पब्लिश एक स्टडी में कुछ फूड और पानी से पैदा होने वाले बैक्टीरिया (Water Borne Bacteria) पर सूर्यग्रहण के दौरान पड़ने वाले रेडिएशन के असर की जांच की गई। शोधकर्ताओं ने ग्रहण वाले दिन (Eclipse Day) और कंट्रोल डे (Control Day) के आंकड़ों की तुलना की और उस अध्ययन में सूर्यग्रहण की वजह से इन बैक्टीरिया की सर्वाइवल और ग्रोथ पर कोई आंकड़ों से जरूरी (Statistically Significant) असर नहीं पाया गया। इसलिए सिर्फ ग्रहण लगने की वजह से खाना फेंक देना वैज्ञानिक रूप से जरूरी नहीं माना जा सकता है।

तो क्या ग्रहण के समय खाना खा सकते हैं?

वैज्ञानिक नजरिए से सूर्यग्रहण के दौरान खाना खाना अपने आप में खतरनाक नहीं है। अगर खाना ठीक तरह से पकाया गया है, साफ तरीके से रखा गया है और सही तापमान पर स्टोर किया गया है, तो सिर्फ ग्रहण लगने की वजह से उसे खराब मानने की जरूरत नहीं है। NASA भी ग्रहण के दौरान खाने को लेकर इस मिथक को खारिज कर चुका है।

फ्रिज में रखा खाना भी ग्रहण से खराब नहीं होगा

अगर आपने कोई जल्दी खराब होने वाला खाना (Perishable Food) यानी जल्दी खराब होने वाली चीज फ्रिज में सही तापमान पर रखी है, तो सूर्यग्रहण के कारण उसके अचानक खराब होने की कोई खास वजह नहीं है। USDA के अनुसार, फ्रिज को करीब 4.4°C या उससे कम रखना चाहिए। वहीं, पका हुआ बचा हुआ खाना (Cooked Leftovers) को कमरे के तापमान पर बहुत देर तक छोड़ना सही नहीं है। सामान्य तौर पर इन्हें दो घंटे के अंदर फ्रिज में रख देना चाहिए। बहुत गर्म वातावरण में यह समय और कम हो सकता है।

डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल वैज्ञानिक स्रोतों और उपलब्ध फूड सेफ्टी गाइडेंस के आधार पर तैयार किया गया है। धार्मिक या सांस्कृतिक मान्यताएं व्यक्तिगत आस्था का विषय हैं। किसी खाने की सुरक्षा तय करते समय उसकी हालत, तापमान, स्टोरेज और हैंडलिंग को ध्यान में रखें।

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