
National Flag Store and Disposal Rules: 15 अगस्त आते ही हर घर, स्कूल, ऑफिस और गली-मोहल्ले में तिरंगा नजर आने लगता है। बच्चे हाथ में छोटा झंडा लेकर घूमते हैं, लोग घरों पर तिरंगा लगाते हैं और सोशल मीडिया भी देशभक्ति के रंग में रंग जाता है। लेकिन 15 अगस्त का कार्यक्रम खत्म होने के बाद इन तिरंगों का क्या किया जाए? यहीं पर अक्सर लोग गलती कर बैठते हैं। कोई झंडे को सड़क पर छोड़ देता है, कोई कूड़े में डाल देता है तो कोई उसे सजावट के सामान की तरह इस्तेमाल करता रहता है। लेकिन राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को लेकर 'फ्लैग कोड ऑफ इंडिया' (Flag Code of India, 2002) में साफ नियम हैं। आइए जानते हैं कि स्वतंत्रता दिवस के बाद तिरंगे को सम्मान के साथ कैसे सहेजना चाहिए और कौन-सी गलतियां भूलकर भी नहीं करनी चाहिए...
गृह मंत्रालय के मुताबिक, तिरंगा देश के लोगों की उम्मीदों और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। इसलिए इसे इस्तेमाल करने और रखने के दौरान इसकी गरिमा का ध्यान रखना जरूरी है। अगर आपका तिरंगा सही हालत में है और आप उसे आगे भी सम्मान के साथ रखना चाहते हैं, तो उसे साफ और सूखी जगह पर सुरक्षित तरीके से रखें। झंडे को जमीन पर, फर्श पर या ऐसी जगह नहीं रखना चाहिए जहां वह गंदा हो सकता है। इसे मोड़कर किसी साफ जगह पर रखा जा सकता है, ताकि कपड़ा खराब न हो। गृह मंत्रालय की गाइडलाइन में भी कहा गया है कि राष्ट्रीय ध्वज को इस तरह स्टोर नहीं करना चाहिए जिससे वह खराब या गंदा हो।
15 अगस्त के बाद सड़कों और सार्वजनिक जगहों पर कागज या दूसरे छोटे तिरंगे पड़े दिख जाते हैं। ऐसा नहीं करना चाहिए। गृह मंत्रालय ने खासतौर पर कहा है कि राष्ट्रीय, सांस्कृतिक और खेल आयोजनों में इस्तेमाल किए गए कागज के झंडों को कार्यक्रम खत्म होने के बाद जमीन पर नहीं फेंकना चाहिए। ऐसे झंडों को निजी तौर पर, झंडे की गरिमा के अनुसार ही डिस्पोज किया जाना चाहिए। इसलिए अगर आपके बच्चे के हाथ में 15 अगस्त के बाद छोटा पेपर फ्लैग है, तो उसे सड़क या कूड़ेदान में फेंकने के बजाय सम्मान के साथ अलग रखें और उचित तरीके से उसका निपटारा करें।
अगर आपका कपड़े वाला तिरंगा बारिश, धूप या हवा की वजह से फट गया है या बहुत खराब हो गया है। ऐसे झंडे को दोबारा प्रदर्शित नहीं करना चाहिए। फ्लैक कोड के मुताबिक, फटा या खराब हालत वाला राष्ट्रीय ध्वज प्रदर्शित नहीं किया जाना चाहिए। लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं है कि उसे यूं ही कूड़े में फेंक दें। नियम के मुताबिक, खराब या गंदे झंडे को सम्मान के साथ निजी तौर पर नष्ट किया जाना चाहिए। फ्लैग कोड में इसके लिए हो सके तो (Preferably) जलाने या झंडे की गरिमा बनाए रखने वाले किसी दूसरे तरीके का जिक्र है।
15 अगस्त के बाद कई जगह लोग बचे हुए झंडों को अगले कई दिनों तक सजावट के लिए इस्तेमाल करते रहते हैं। लेकिन राष्ट्रीय ध्वज को फेस्टून, रोसेट, बंटिंग या किसी दूसरी सजावटी चीज की तरह इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। गृह मंत्रालय की ओर से इसे साफ तौर पर बताया गया है। यानी तिरंगे को दीवार की सजावट, पर्दे जैसी चीज या किसी डेकोरेशन आइटम की तरह इस्तेमाल करना सही नहीं है।
कई बार लोग देशभक्ति दिखाने के लिए तिरंगे की तस्वीर को कुशन, रुमाल, नैपकिन या दूसरे सामान पर प्रिंट करवा लेते हैं, लेकिन फ्लैग कोड में राष्ट्रीय ध्वज के इस तरह के इस्तेमाल पर भी नियम हैं। झंडे पर किसी तरह की लिखावट नहीं होनी चाहिए और इसे कुशन, रुमाल, नैपकिन या बॉक्स पर प्रिंट या कढ़ाई के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
यह स्थिति 15 अगस्त के बाद अक्सर देखने को मिलती है। हवा या भीड़ की वजह से छोटा झंडा सड़क पर गिर जाता है। ऐसे में उसे वहीं छोड़कर आगे बढ़ जाना सही नहीं है। उसे उठाकर सम्मानजनक और साफ जगह पर रखें। खासतौर पर बच्चों को यह जरूर समझाएं कि तिरंगे को जमीन पर नहीं घसीटना है और न ही उसे पैरों के नीचे आने देना है। फ्लैग कोड में राष्ट्रीय ध्वज को जमीन या फर्श को छूने देने से मना किया गया है।
घर पर लगे राष्ट्रीय ध्वज को दिन-रात फहरा सकते हैं। फ्लैग कोड में 20 जुलाई 2022 के संशोधन के बाद घर या खुले में प्रदर्शित तिरंगे को दिन-रात फहराने की अनुमति दी गई है। हालांकि, जब भी झंडा लगाया जाए, वह साफ-सुथरा, सही हालत में और सम्मानजनक तरीके से प्रदर्शित होना चाहिए।
अगर आपने घर पर तिरंगा लगाया और कुछ दिनों बाद वह फट गया, रंग खराब हो गया या कपड़ा बुरी तरह मुड़कर खराब हो गया। ऐसे झंडे को दोबारा फहराने से बचना चाहिए। गृह मंत्रालय की साफ गाइडलाइन है कि खराब (Damaged) या बिखरी हालत (Dishevelled) वाले राष्ट्रीय ध्वज को प्रदर्शित नहीं किया जाना चाहिए। यानी तिरंगा पुराना हो जाए तो सिर्फ इसलिए उसे लगाए रखना सही नहीं है कि वह अभी भी आपके पास है।
अगर झंडा सिर्फ धूल या सामान्य गंदगी की वजह से गंदा हुआ है, लेकिन उसकी हालत ठीक है, तो उसे साफ करके सम्मान के साथ रखा जा सकता है। लेकिन अगर सफाई के बाद भी कपड़ा खराब है, सिलाई खुल गई है, रंग बिगड़ गया है या झंडा फट गया है, तो उसे प्रदर्शित नहीं करना चाहिए।