Ashok Singhal 100th Birth Anniversary: अशोक सिंघल कौन थे? RSS, VHP और राम जन्मभूमि आंदोलन से उनका क्या संबंध रहा? 100वीं जयंती पर जानिए उनके जीवन से जुड़े 20 खास और रोचक फैक्ट।
Ashok Singhal Biography: अशोक सिंघल का नाम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), विश्व हिंदू परिषद (VHP) और राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े प्रमुख चेहरों में लिया जाता है। 27 सितंबर 1926 को जन्मे अशोक सिंघल की 100वीं जयंती 2026 में मनाई जा रही है। आइए जानते हैं अशोक सिंघल के बारे में 20 फैक्ट...
1. आगरा में हुआ जन्मः अशोक सिंघल का जन्म 27 सितंबर 1926 को आगरा में हुआ था। उनके पिता महावीर सिंह सिंघल सरकारी सेवा में थे।
2. धार्मिक माहौल में बचपनः उनका परिवार धार्मिक संस्कारों वाला था। उनकी मां विद्यावती धार्मिक प्रवृत्ति की थीं और घर में पूजा-पाठ तथा हवन का माहौल रहता था।
3. बड़े परिवार का हिस्सा थेः अशोक सिंघल कुल 8 भाई-बहनों में चौथे स्थान पर थे, उनके 6 भाई और 1 बहन थीं। अशोक सिंघल के भाई-बहनों के नाम कुछ इस प्रकार है -
- विनोद पी. सिंघल (VP Singhal) - बड़े भाई, त्रिपुरा के मुख्य सचिव रहे।
- प्रमोद पी. सिंघल - बड़े भाई, उदयपुर में बिजनेस से जुड़े रहे।
- आनंद पी. सिंघल - बड़े भाई, रक्षा मंत्रालय में सीनियर अधिकारी रहे।
- अशोक सिंघल - परिवार में चौथे नंबर पर।
- बी.पी. सिंघल (B.P. Singhal) - छोटे भाई, उत्तर प्रदेश पुलिस के DGP रहे और बाद में राज्यसभा सांसद बने।
- पीयूष सिंघल - छोटे भाई, मुंबई में बिजनेस से जुड़े रहे।
- विवेक सिंघल - छोटे भाई, दिल्ली में बिजनेस से जुड़े रहे।
- उषा रानी सिंघल - बहन, RSS से जुड़ीं और महिला मोर्चे में एक्टिव रहीं।
4. इंजीनियरिंग की पढ़ाई कीः उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और 1950 में डिग्री हासिल की।
5. इंजीनियर बने, लेकिन करियर अलग चुनाः इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने जॉब के बजाय RSS के पूर्णकालिक प्रचारक के रूप में काम करना चुना।
6. 1942 में RSS से जुड़ेः अशोक सिंघल कम उम्र में ही RSS से जुड़े। आगे चलकर उनका पूरा सार्वजनिक जीवन संघ के संगठनात्मक काम से जुड़ गया।
7. जीवनभर अविवाहित रहे: RSS के प्रचारक के रूप में उन्होंने अपना जीवन संगठन को समर्पित किया और शादी नहीं की।
8. उत्तर प्रदेश में संगठन का काम कियाः उन्होंने उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में संघ का काम किया। बाद में दिल्ली और हरियाणा के प्रांत प्रचारक की जिम्मेदारी भी संभाली।
9. संगीत से भी गहरा लगाव थाः अशोक सिंघल सिर्फ संगठनकर्ता के तौर पर ही नहीं, बल्कि संगीत प्रेमी के रूप में भी जाने जाते थे। वे गीत गाते थे और उनकी आवाज की चर्चा उनके सहयोगियों ने भी की है।
10. VHP में बड़ी जिम्मेदारी मिलीः 1980 के आसपास उन्हें विश्व हिंदू परिषद के काम की जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद वे संगठन के संयुक्त महामंत्री और फिर महामंत्री बने।
11. VHP को जनआंदोलन से जोड़ाः उनके दौर में VHP का काम बड़े स्तर पर आम लोगों तक पहुंचा और संगठन ने कई सामाजिक तथा धार्मिक मुद्दों पर अभियान चलाए।
12. 1984 की धर्म संसद में अहम भूमिकाः दिल्ली में 1984 की पहली धर्म संसद के आयोजन में अशोक सिंघल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसी दौर में राम जन्मभूमि का मुद्दा बड़े स्तर पर सामने आया।
13. राम जन्मभूमि आंदोलन का प्रमुख चेहरा बनेः 1980 के दशक के आखिर में अशोक सिंघल राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख नेताओं में शामिल हो गए। आंदोलन को देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने में उनकी भूमिका रही।
14. कारसेवा अभियान से जुड़े रहेः अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर हुए कारसेवा अभियान में भी उनकी प्रमुख भूमिका रही। 6 दिसंबर 1992 की अयोध्या घटना के संदर्भ में उनका नाम लगातार चर्चा में रहा।
15. VHP के अंतरराष्ट्रीय विस्तार पर काम कियाः उनके नेतृत्व के दौरान VHP ने भारत के बाहर भी संगठन का विस्तार किया और विदेशों में संपर्क तथा कार्यालयों का नेटवर्क बढ़ाया।
16. गौ रक्षा आंदोलन से भी जुड़ेः अशोक सिंघल ने गौ रक्षा से जुड़े अभियानों में भी भूमिका निभाई। आपातकाल के दौरान भी वे संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहे।
17. शिक्षा और वैदिक अध्ययन में रुचिः उनकी रुचि केवल आंदोलनों तक सीमित नहीं थी। वैदिक शिक्षा, भारतीय संस्कृति और धार्मिक साहित्य उनके पसंदीदा विषयों में शामिल थे।
18. 2011 तक VHP के कार्यकारी अध्यक्ष रहेः वह लंबे समय तक VHP के शीर्ष नेतृत्व में रहे और दिसंबर 2011 तक संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष के पद पर रहे। बाद में भी वे VHP के मार्गदर्शक और संरक्षक की भूमिका में सक्रिय रहे।
19. 17 नवंबर 2015 को निधनः अशोक सिंघल का निधन 17 नवंबर 2015 को गुरुग्राम के एक प्राइवेट अस्पताल में हुआ। उस समय उनकी उम्र 89 साल थी।
20. 2026 में 100वीं जयंतीः 27 सितंबर 2026 को उनके जन्म के 100 वर्ष पूरे हुए। VHP ने उनके जन्मशती वर्ष के लिए सालभर कार्यक्रमों की घोषणा की है। दिल्ली के भारत मंडपम से इसका औपचारिक शुभारंभ किया गया और देश-विदेश में कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बताई गई है।
