
CAPTCHA Explained: अगर आपने कभी किसी वेबसाइट पर लॉगिन किया है, अकाउंट क्रिएट किया या ऑनलाइन फॉर्म भरा है, तो आपने I'm Not a Robot वाला बॉक्स या तस्वीरें सेलेक्ट वाला टेस्ट जरूर देखा होगा। इसे CAPTCHA कहते हैं। CAPTCHA का पूरा नाम Completely Automated Public Turing test to tell Computers and Humans Apart है। इसका मतलब है, ऐसा टेस्ट जो यह बताने में हेल्प करे कि वेबसाइट यूज करने वाला इंसान है या कोई कंप्यूटर प्रोग्राम (Bot)।
इंटरनेट पर कई ऐसे ऑटोमैटिक प्रोग्राम होते हैं, जिन्हें बॉट कहा जाता है। ये कुछ ही सेकंड में हजारों फॉर्म भर सकते हैं, फर्जी अकाउंट बना सकते हैं या वेबसाइट पर स्पैम भेज सकते हैं। CAPTCHA का मुख्य काम ऐसे बॉट्स को रोकना है। जैसे अगर किसी टिकट बुकिंग वेबसाइट पर CAPTCHA न हो, तो बॉट हजारों टिकट तत्काल खरीद सकता है। इससे जरूरतमंद कस्टमर को टिकट नहीं मिल पाएगा।
सोशल मीडिया, ईमेल और बैंकिंग वेबसाइटें चाहती हैं कि एक इंसान ही अपना अकाउंट क्रिएट करे। अगर CAPTCHA न हो, तो बॉट लाखों फेक अकाउंट बना सकता है, जिससे स्पैम और साइबर क्राइम बढ़ जाएंगे।
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कुछ साइबर हमलों में बॉट बार-बार लॉगिन करने या पासवर्ड के लिए ट्राई करता है। इसे Brute Force Attack कहते हैं। CAPTCHA ऐसे अफर्ड की स्पीड को स्लो करने और कई मामलों में रोकने में हेल्प करता है।
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कमेंट सेक्शन, कॉन्टेक्ट फॉर्म और ऑनलाइन सर्वे में बॉट हजारों बेकार मैसेज भेज सकता है। CAPTCHA यह फिक्स करता है कि फॉर्म भरने वाला इंसान ही सही यूजर है।
आजकल की वेबसाइटें सिर्फ CAPTCHA पर डिपेंड नहीं रह गई हैं। वे कई सिगनल्स का एनालसिस करती हैं, जैसे-पकी ब्राउज़िंग एक्टिविटिज , माउस की मूवमेंट, क्लिक करने का तरीका, IP एड्रेस , डिवाइस की इन्फॉर्मेशन। अगर वेबसाइट को सब कुछ नॉर्मल लगता है, तो कई बार CAPTCHA नहीं दिखता। लेकिन अगर एक्टिविटिज असामान्य लगे, जैसे- बहुत तेजी से कई रिक्वेस्ट भेजना या VPN/प्रॉक्सी का यूज करना, तो CAPTCHA दिखता है।
नहीं। CAPTCHA बदल गया है। आज कई प्रकार के CAPTCHA यूज किए जाते हैं, जैसे I'm Not a Robot चेकबॉक्स ट्रैफिक लाइट, बस या साइकिल जैसी तस्वीरें सेलेक्ट करना ,लेटर्स या नंबर्स टाइप करना , अदृश्य (Invisible) CAPTCHA, जो बैकग्राउंड में ही रिस्क का अंदाजा लगाता है
Content Sources: Google (reCAPTCHA), Cloudflare, Carnegie Mellon University (CAPTCHA research), National Institute of Standards and Technology, OWASP Foundation