CAPTCHA क्यों आता है? वेबसाइट बार-बार 'I’m Not a Robot' क्यों पूछता है? जानें इसके पीछे का पूरा सच

Published : Jul 14, 2026, 01:47 PM IST
CAPTCHA Explained

सार

CAPTCHA क्या होता है? कैसे काम करता है और वेबसाइट पर 'I m not a Robot' या तस्वीरें चुनने वाला टेक्सट क्यों आता है। जानिए आसान भाषा में इसके पीछे की पूरी जानकारी।

CAPTCHA Explained: अगर आपने कभी किसी वेबसाइट पर लॉगिन किया है, अकाउंट क्रिएट किया या ऑनलाइन फॉर्म भरा है, तो आपने I'm Not a Robot वाला बॉक्स या तस्वीरें सेलेक्ट वाला टेस्ट जरूर देखा होगा। इसे CAPTCHA कहते हैं। CAPTCHA का पूरा नाम Completely Automated Public Turing test to tell Computers and Humans Apart है। इसका मतलब है, ऐसा टेस्ट जो यह बताने में हेल्प करे कि वेबसाइट यूज करने वाला इंसान है या कोई कंप्यूटर प्रोग्राम (Bot)।

CAPTCHA क्यों आता है?

1. बॉट (Bot) को रोकने के लिए

इंटरनेट पर कई ऐसे ऑटोमैटिक प्रोग्राम होते हैं, जिन्हें बॉट कहा जाता है। ये कुछ ही सेकंड में हजारों फॉर्म भर सकते हैं, फर्जी अकाउंट बना सकते हैं या वेबसाइट पर स्पैम भेज सकते हैं। CAPTCHA का मुख्य काम ऐसे बॉट्स को रोकना है। जैसे अगर किसी टिकट बुकिंग वेबसाइट पर CAPTCHA न हो, तो बॉट हजारों टिकट तत्काल खरीद सकता है। इससे जरूरतमंद कस्टमर को टिकट नहीं मिल पाएगा।

2. फेक अकाउंट बनने से बचाने के लिए

सोशल मीडिया, ईमेल और बैंकिंग वेबसाइटें चाहती हैं कि एक इंसान ही अपना अकाउंट क्रिएट करे। अगर CAPTCHA न हो, तो बॉट लाखों फेक अकाउंट बना सकता है, जिससे स्पैम और साइबर क्राइम बढ़ जाएंगे।

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3. वेबसाइट को साइबर हमलों से बचाने के लिए

कुछ साइबर हमलों में बॉट बार-बार लॉगिन करने या पासवर्ड के लिए ट्राई करता है। इसे Brute Force Attack कहते हैं। CAPTCHA ऐसे अफर्ड की स्पीड को स्लो करने और कई मामलों में रोकने में हेल्प करता है।

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4. स्पैम कम करने के लिए

कमेंट सेक्शन, कॉन्टेक्ट फॉर्म और ऑनलाइन सर्वे में बॉट हजारों बेकार मैसेज भेज सकता है। CAPTCHA यह फिक्स करता है कि फॉर्म भरने वाला इंसान ही सही यूजर है।

5. हर बार CAPTCHA क्यों नहीं आता?

आजकल की वेबसाइटें सिर्फ CAPTCHA पर डिपेंड नहीं रह गई हैं। वे कई सिगनल्स का एनालसिस करती हैं, जैसे-पकी ब्राउज़िंग एक्टिविटिज , माउस की मूवमेंट, क्लिक करने का तरीका, IP एड्रेस , डिवाइस की इन्फॉर्मेशन। अगर वेबसाइट को सब कुछ नॉर्मल लगता है, तो कई बार CAPTCHA नहीं दिखता। लेकिन अगर एक्टिविटिज असामान्य लगे, जैसे- बहुत तेजी से कई रिक्वेस्ट भेजना या VPN/प्रॉक्सी का यूज करना, तो CAPTCHA दिखता है।

क्या CAPTCHA हमेशा तस्वीरें पहचानने को कहता है?

नहीं। CAPTCHA बदल गया है। आज कई प्रकार के CAPTCHA यूज किए जाते हैं, जैसे I'm Not a Robot चेकबॉक्स  ट्रैफिक लाइट, बस या साइकिल जैसी तस्वीरें सेलेक्ट करना ,लेटर्स या नंबर्स टाइप करना , अदृश्य (Invisible) CAPTCHA, जो बैकग्राउंड में ही रिस्क का अंदाजा लगाता है

CAPTCHA को लेकर कुछ रोचक जानकारी

  • CAPTCHA शब्द 2003 में चर्चा में आया। इसे कंप्यूटर साइंडिस्ट Luis von Ahn, Manuel Blum, Nicholas Hopper और John Langford ने डेवलप किया।
  • Google का reCAPTCHA मशीनों को ट्रेंड करने में भी यूज हुआ। ओल्ड reCAPTCHA में यूजर द्वारा पढ़े गए शब्दों का यूज किताबों और अखबारों के स्कैन किए गए टेक्स्ट को डिजिटल रूप देने (Digitization) में भी किया गया था। 
  • लेटेस्ट वाला CAPTCHA सिर्फ क्लिक पर डिपेंड नहीं है। कई सिस्टम यूजर के बिहैवियर का एनालसिस करके भी फिक्स करते हैं कि वह इंसान है या बॉट। 
  • हर दिन करोड़ों CAPTCHA यूज किए जाते हैं। वर्ल्ड में वेबसाइटों पर हर दिन करोड़ों बार CAPTCHA का यूज होता है CAPTCHA सिक्यूरिटि देता है, लेकिन अकेला यह सबकुछ नहीं कर सकता। 
  • आज के समय में वेबसाइटें CAPTCHA के साथ Two-Factor Authentication (2FA), AI-बेस्ड बॉट डिटेक्शन और अदर सिक्यूरिटी फीचर्स का यूज करती हैं।

Content Sources: Google (reCAPTCHA), Cloudflare, Carnegie Mellon University (CAPTCHA research), National Institute of Standards and Technology, OWASP Foundation

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