
How To Reduce Sweating: गर्मी में बाहर निकलते ही या थोड़ा बहुत वर्क आउट करने पर बॉडी से पसीना निकलने लगता है। कई लोग सोचते हैं ज्यादा पसीना आना क्या किसी बीमारी का संकेत है? जवाब है- नहीं। पसीना हमारी बॉडी का नेचुरल कूलिंग सिस्टम है। इसका मुख्य काम बॉडी के टेंप्रेचर को कंट्रोल करना है। जब बॉडी का टेंप्रेचर बढ़ता है, तब स्किन में मौजूद लाखों स्वेट ग्लैंड (पसीने की ग्रंथियां) पसीना बनाती हैं। यह पसीना स्किन से उड़कर हमारी बॉडी को ठंडा करती हैं। लेकिन अगर बिना गर्मी, बिना किसी वर्कआउट या बिना किसी वजह के ज्यादा पसीना आने लगे, तो हमें अलर्ट हो जाना चाहिए।
हमारी बॉडी में लगभग 20 से 40 लाख (2 से 4 मिलियन) स्वेट ग्लैंड होती हैं। जब माइंड का हाइपोथैलेमस (Hypothalamus) महसूस करता है कि बॉडी गर्म हो रहा है, तब वह इन ग्रंथियों को पसीना बनाने का मैसेज देता है। जैसे -
- धूप में चलना
- जिम में एक्सरसाइज करना
- तेज बुखार होना
- टेंशन या घबराहट होना
इन कंडीशन में बॉडी खुद को ठंडा रखने के लिए ज्यादा पसीना निकालता है।
1. गर्म मौसम: भारत जैसे देशों में गर्मी और नमी (Humidity) ज्यादा होने से बॉडी ज्यादा पसीना निकालता है।
2. एक्सरसाइज: दौड़ना, जिम करना या भारी काम करने से बॉडी का टेंप्रेचर बढ़ता है और ज्यादा पसीना आता है।
3. टेंशन और घबराहट: इंटरव्यू, एग्जाम या स्पीच देने, या पहली बार कोई काम करने के दौरान कई लोगों के हाथ, पैर और चेहरे पर अचानक पसीना आने लगता है।
4. मसालेदार भोजन: हरी मिर्च, गरम मसाले, चाय, कॉफी और शराब जैसी कुछ चीजें भी पसीना बढ़ाती हैं।
5. हार्मोन में बदलाव: प्रेग्नेंसी, मेनोपॉज, थायरॉयड की बीमारी या किशोरावस्था में हार्मोन चेंज होने से पसीना ज्यादा आता है।
अगर बिना गर्मी और बिना मेहनत के लगातार ज्यादा पसीना आ रहा है, तो इसके पीछे कुछ दिक्कतें हो सकती हैं। जैसे -
- हाइपरथायरॉयडिज्म (थायरॉयड ज्यादा होना)
- डायबिटीज में लो ब्लड शुगर
- हार्ट रिलेटेड प्रॉब्रम
- कुछ इंफेक्शन (जैसे- टीबी)
- मोटापा
- कुछ दवाइयों के साइड इफेक्ट
- हाइपरहाइड्रोसिस (Hyperhidrosis) नाम की बीमारी, जिसमें जरूरत से ज्यादा पसीना आता है।
- सीने में दर्द
- सांस फूलना
- अचानक वजन घटना
- रात में बार-बार पसीना आना
- चक्कर आना
- तेज बुखार
- दिनभर भरपूर पानी पिएं।
- हल्के और कॉटन कपड़े पहनें।
- बहुत मसालेदार खाना अवाइड करें।
- टेंशन कम करने के लिए योग या मेडिटेशन करें।
- जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से एंटीपर्सपिरेंट यूज करें। अगर समस्या ज्यादा दिन तक बनी रहे तो स्किन रोग विशेषज्ञ (Dermatologist) से मिलें।
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- इंसान की बॉडी में 20 से 40 लाख तक स्वेट ग्लैंड होती हैं।
- ज्यादा गर्मी, हार्ड वर्क या ज्यादा योग-एक्सरसाइज के दौरान एक इंसान एक घंटे में 1 से 2 लीटर तक पसीना निकाल सकता है।
- दुनिया की लगभग 1% से 3% आबादी हाइपरहाइड्रोसिस (असामान्य रूप से ज्यादा पसीना) से पीड़ित है।
- बॉडी के कुल पसीने का लगभग 99% हिस्सा पानी होता है, जबकि बाकी में नमक और अदर मिनरल्स होते हैं।
कॉन्टेन्ट सोर्सः WHO, Mayo Clinic, Cleveland Clinic, MSD Manual Consumer Version, American Academy of Dermatology (AAD), National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases (NIDDK).