
Waking Up Tired: रात में 7–8 घंटे की नींद लेने के बाद भी अगर सुबह उठते ही शरीर भारी लगे, आंखें खुलने का मन न करे या ऐसा महसूस हो कि जैसे पूरी रात सोए ही नहीं, तो यह सिर्फ आलस नहीं हो सकता। कई बार इसके पीछे हमारी रोजमर्रा की आदतें होती हैं, तो कई बार यह किसी हेल्थ प्रॉब्लम का साइन भी हो सकता है। डॉक्टर्स के मुताबिक, सिर्फ नींद का टाइम ही नहीं, बल्कि नींद की क्वालिटी भी उतनी ही जरूरी होती है। यानी अगर आपने 8 घंटे बिस्तर पर बिताए, लेकिन नींद बार-बार टूटती रही, तो बॉडी को पूरा आराम नहीं मिल पाता।
1. अच्छी नींद न मिलना: कई लोगों को लगता है वे पूरी रात सोए, लेकिन असलियत में उनकी नींद बार-बार टूटती रहती है। इससे बॉडी और दिमाग को पूरा आराम नहीं मिलता। उदाहरण: अगर कोई इंसान रात में कई बार मोबाइल देखता है या शोर की वजह से उसकी नींद टूटती रहती है, तो सुबह वह थका हुआ महसूस करता है।
2. देर रात तक मोबाइल चलाना: मोबाइल, लैपटॉप और टीवी से निकलने वाली ब्लू लाइट बॉडी में बनने वाले मेलाटोनिन हार्मोन को प्रभावित करती है। यही हार्मोन अच्छी नींद लाने में मदद करता है।
3. स्लीप एपनिया (Sleep Apnea): इस बीमारी में सोते समय सांस कुछ सेकंड के लिए रुक-रुक कर चलती है। इंसान को इसका पता भी नहीं चलता, लेकिन पूरी रात उसकी नींद डिस्टर्ब रहती है। अगर सुबह उठते ही सिरदर्द, ज्यादा थकान या दिनभर नींद आती रहे, तो इसका चेकअप करवाना चाहिए।
4. शरीर में पोषक तत्वों की कमी: आयरन, विटामिन B12 और विटामिन D की कमी से बॉडी में एनर्जी कम हो सकती है। इससे सुबह उठते ही वीकनेस और थकान महसूस होती है।
5. तनाव और चिंता: अगर दिमाग लगातार तनाव में रहता है, तो बॉडी आराम से सो नहीं पाता। इसका असर अगली सुबह साफ दिखाई देता है।
6. पानी की कमी (डिहाइड्रेशन): रातभर शरीर बिना पानी के रहता है। अगर दिनभर भी पानी कम पिया गया हो, तो सुबह शरीर सुस्त महसूस करता है।
7. कुछ बीमारियां भी हो सकती हैं वजह: थायरॉयड, डायबिटीज, एनीमिया, डिप्रेशन और हार्मोन से जुड़ी कुछ समस्याओं में भी सुबह की थकान एक नॉर्मल लक्षण हो सकता है।
कॉन्टेन्ट सोर्सः WHO, American Academy of Sleep Medicine (AASM), Sleep Foundation, Mayo Clinic, Cleveland Clinic, National Health Service (NHS) UK.