
अक्सर सुनने को मिलता है सुबह उठते ही हाथ सुन्न हो गया हो, लंबे समय तक एक ही जगह बैठने के बाद पैर में झनझनाहट शुरू हो गई? कुछ देर बाद जैसे ही हाथ-पैर हिलाते हैं, सब नॉर्मल हो जाता है। यह लगभग हर इंसान को कभी ना कभी होता है। ज्यादातर मामलों में हाथ-पैर का सुन्न होना नॉर्मल होता है। लेकिन यह बार-बार होने लगे, लंबे समय तक रहे या इसके साथ वीकनेस, बोलने में प्रॉब्लम, चक्कर आने जैसी परेशानी हो, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।
हमारी बॉडी में नसें (Nerves) दिमाग से पूरे बॉडी तक मैसेज पहुंचाती हैं। जब किसी नस पर दबाव पड़ता है या उसमें ब्लड का फ्लो कुछ समय के लिए कम हो जाता है, तो उस पार्ट में झनझनाहट या सुन्नपन महसूस होने लगता है। जैसे - अगर आप लंबे समय तक पैर पर पैर चढ़ाकर बैठते हैं, तो पैर की नस दब सकती है। जैसे ही आप पैर सीधा करते हैं, कुछ सेकंड या मिनट में झनझनाहट खत्म हो जाती है।
यह सबसे आम कारण है। एक ही पॉजीशन में बैठने या सोने से नसों पर दबाव पड़ जाता है।
विटामिन B12 नसों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसकी कमी होने पर हाथ-पैर में झनझनाहट, सुन्नपन और कमजोरी महसूस होती है।
लंबे समय तक शुगर बढ़ी रहने से नसों को नुकसान पहुंच सकता है। इसे डायबिटिक न्यूरोपैथी कहते हैं।
स्लिप डिस्क या सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस जैसी समस्याओं में नस दबने से हाथ या पैर सुन्न हो जाते हैं।
बॉडी के किसी पार्ट में अगर पर्याप्त ब्लड नहीं पहुंच रहा है, तो वहां सुन्नपन महसूस हो सकता है।
कई बार ज्यादा चिंता या पैनिक अटैक के दौरान भी हाथ-पैर में झनझनाहट महसूस होती है।
अगर सुन्नपन के साथ इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर्स से संपर्क करना चाहिए...
बता दें, ये स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारी के अलार्म भी हो सकते हैं।
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