
Eye Twitch Causes: कई बार अचानक आंख की पलक अपने-आप कुछ सेकंड या कुछ मिनट तक ब्लिंक या हिलने लगती है। इसे आम भाषा में आंख फड़कना कहते हैं। डॉक्टरी भाषा में इसे Eyelid Twitching या Myokymia कहा जाता है। यह आंख की पलकों की छोटी मांसपेशियों में होने वाला हल्का और अनकंट्रोल होता है। ज्यादातर मामलों में यह कोई गंभीर बीमारी नहीं होती और कुछ समय बाद अपने-आप ठीक हो जाती है।
आंख फड़कने के पीछे कई कारण हो सकते हैं।
1. तनाव (Stress)
भागदौड़ भरी जिंदगी में स्ट्रेस सबसे बड़ा कारण है। जब बॉडी और माइंड पर ज्यादा प्रेशर होता है, तो आंखों की मांसपेशियां भी प्रभावित होती हैं।
2. नींद पूरी न होना
अगर लगातार कम नींद ली जाए या कई दिनों तक अच्छी नींद न मिले, तो आंख फड़कने की समस्या हो सकती है।
3. ज्यादा टाइम तक स्क्रीन पर बने रहना
मोबाइल, लैपटॉप और टीवी के सामने घंटों बैठने से आंखों पर प्रेशर पड़ता है। इससे आंखों की मांसपेशियां थक जाती हैं और पलक फड़कने लगती है।
4. ज्यादा चाय या कॉफी पीना
कैफीन की ज्यादा मात्रा भी आंख फड़कने की एक वजह है। ज्यादा चाय, कॉफी या एनर्जी ड्रिंक लेने से नसें ज्यादा एक्टिव हो जाती हैं।
5. आंखों का सूखापन
लंबे समय तक स्क्रीन देखने या उम्र बढ़ने के साथ ड्राई आई (Dry Eye) की प्रॉब्लम स्टार्ट हो जाती है।
6. शरीर में कुछ पोषक तत्वों की कमी
कुछ मामलों में मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स की कमी भी मांसपेशियों में हल्की ऐंठन का कारण बन सकती है।
ज्योतिष से संबंधित शकुन शास्त्र ग्रंथ में आँख फड़कने को शुभ और अशुभ घटनाओं का संकेत माना गया है। आंखों के फड़कने की शुभ-अशुभ मान्यता सैकड़ों सालों से चली आ रही है। कहते हैं कि जब किसी व्यक्ति की दाईं आंख फड़के तो ये शुभ होता है और अगर बाईं आंख फड़के तो ये किसी अशुभ घटना का संकेत होता है। हालांकि अब तक इसका कोई साइंटिफिक सबूत नहीं मिला है कि आंख फड़कने का भविष्य, भाग्य या किसी घटना से कोई संबंध होता है। डॉक्टर इसे केवल मांसपेशियों और नसों की रूटीन प्रोसेस मानते हैं।
अगर आंख फड़कना कुछ मिनट या कुछ दिनों में ठीक हो जाए, तो टेंशन नहीं लेना चाहिए, लेकिन कुछ कंडीशन पर हमें डॉक्टर की मदद जरूर लेनी चाहिए।
- आंख कई हफ्तों तक लगातार फड़कती रहे।
- आंख पूरी तरह बंद होने लगे।
- चेहरे के दूसरे हिस्सों में भी झटके आने लगें।
- आंख लाल हो जाए, सूजन या दर्द हो।
- देखने में परेशानी हो।
आंख फड़कने की समस्या से कैसे बचें?
- रोज 7–8 घंटे की नींद लें।
- टेंशन कम करने के लिए योग या मेडिटेशन करें।
- स्क्रीन यूज करते समय 20-20-20 नियम अपनाएं। (हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें।)
- जरूरत से ज्यादा चाय और कॉफी ना पीएं।
- आंखों में सूखापन हो तो डॉ. की सलाह पर आई ड्रॉप्स का यूज करें।
- बैलेंसड और सही भोजन करें।
कॉन्टेन्ट सोर्सः American Academy of Ophthalmology, Mayo Clinic, National Health Service (NHS), Cleveland Clinic