
गंगा जल को सिर्फ एक नदी का पानी नहीं, बल्कि मां गंगा का दिव्य स्वरूप माना गया है। यही वजह है भारत के करोड़ों घरों में गंगा जल संभालकर रखा जाता है। पूजा-पाठ से लेकर शुभ कामों और अंतिम संस्कार तक, गंगा जल का खास महत्व है। सवाल यह है घर में गंगा जल क्यों रखा जाता है? आइए धार्मिक दृष्टि से इसे सरल भाषा में समझते हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार- मां गंगा का उद्गम भगवान विष्णु के चरणों से हुआ और बाद में भगवान शिव ने उन्हें अपनी जटाओं में धारण कर पृथ्वी पर उतारा। इसलिए गंगा को विष्णु और शिव दोनों का आशीर्वाद प्राप्त नदी माना जाता है। मान्यता है- गंगा जल में स्नान करने, उसका दर्शन करने या श्रद्धा से उसका उपयोग करने से इंसान के पाप कम होते हैं और शुद्धि प्राप्त होती है।
1. घर की पवित्रता बनाए रखने के लिए
जिस घर में गंगा जल रखा जाता है, वहां पॉजिटिव एनर्जी बनी रहती है। इसलिए कई लोग पूजा घर में तांबे या चांदी के बर्तन में गंगा जल रखते हैं।
2. पूजा-पाठ में गंगा जल का इस्तेमाल
लगभग हर धार्मिक अनुष्ठान में गंगा जल का प्रयोग होता है। जैसे-
- भगवान का अभिषेक - कलश स्थापना - गृह प्रवेश - सत्यनारायण कथा - हवन - विवाह संस्कार
इन सभी में गंगा जल को शुभ माना गया है।
3. घर और वस्तुओं की शुद्धि के लिए
धार्मिक परंपरा के अनुसार- किसी नए घर, दुकान या नई वस्तु पर गंगा जल का छिड़काव किया जाता है। माना जाता है- इससे स्थान की शुद्धि होती है और शुभता का प्रवेश होता है।
4. अंतिम समय में गंगा जल का महत्व
सनातन धर्म में यह मान्यता है कि अगर किसी व्यक्ति के अंतिम समय में उसके मुंह में गंगा जल की कुछ बूंदें डाली जाएं, तो उसे ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है और आत्मा को श्री चरणों में स्थान मिलता है। इसी वजह से भी कई परिवार घर में हमेशा थोड़ा गंगा जल रखते हैं।
5. त्योहारों और व्रत में विशेष महत्व
महाशिवरात्रि, जन्माष्टमी, रामनवमी, नवरात्रि और श्रावण मास जैसे पर्वों पर भगवान का अभिषेक गंगा जल से करना शुभ माना गया है।
- गंगा जल को साफ बर्तन में रखें। - इसे पूजा घर या साफ जगह पर रखें। - बर्तन को ढककर रखें। - गंगा जल का सम्मान करें और उसे अशुद्ध जगह पर ना रखें।
धार्मिक मान्यता के अनुसार- गंगा जल को लंबे समय तक पवित्र माना जाता है। इसी वजह से परिवारों में सालों साल तक गंगा जल सुरक्षित रखते हैं और पूजा-पाठ में उसका इस्तेमाल करते हैं।