
जब हम नया लैपटॉप खरीदते हैं, तो वह कुछ ही सेकंड में चालू हो जाता है और सभी ऐप तेजी से खुलते हैं। लेकिन कुछ समय बात शिकायत आती है कि लैपटॉप बहुत स्लो हो गया है। फाइलें खुलने में वक्त लगता है, ब्राउज़र अटकने लगता है, सिस्टम बार-बार हैंग होने लगता है। हर बार लैपटॉप स्लो होने का मतलब यह नहीं होता कि वह खराब हो गया है। कई बार इसकी वजह छोटी-छोटी चीजें होती हैं, जिन्हें ठीक करके इसकी स्पीड को बढ़ाया जा सकता है।
अगर लैपटॉप की हार्ड ड्राइव या SSD लगभग पूरी भर गई है, तो सिस्टम को नई फाइलें बनाने और पुराने डेटा को रखने में प्रॉब्लम होती है। जैसे- अगर 512GB की ड्राइव में 500GB से ज्यादा डेटा भर गया है, तो सिस्टम पहले की तुलना में स्लो हो सकता है। इसलिए समय-समय पर अनचाही फाइलें, डाउनलोड और बड़े वीडियो डिलीट कर दें या अलग कहीं पर रख दें।
कई बार हम एक साथ कई ब्राउज़र टैब, वीडियो, ऑफिस ऐप और बैकग्राउंड में चल रहे प्रोग्राम खुले छोड़ देते हैं। अगर लैपटॉप की RAM कम है, तो सिस्टम को सभी ऐप संभालने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और स्पीड कम हो जाती है।
कई ऐप इंस्टॉल होने के बाद अपने-आप स्टार्टअप में जुड़ जाते हैं। इसका मतलब है जैसे ही आप लैपटॉप ऑन करते हैं, वे बैकग्राउंड में चलने लगते हैं। इससे लैपटॉप स्टार्ट होने में ज्यादा वक्त लग सकता है।
अगर लैपटॉप में वायरस या मालवेयर आ जाए, तो वह सिस्टम की प्रोसेसिंग पावर का इस्तेमाल करने लगता है। इससे...
- लैपटॉप स्लो हो सकता है। - बार-बार एड दिखाई दे सकते हैं। - सिस्टम हैंग हो सकता है। - डेटा चोरी होने का खतरा भी बढ़ सकता है।
इसलिए भरोसेमंद एंटीवायरस और नियमित स्कैन जरूरी है।
अगर आपका लैपटॉप कई साल पुराना है, तो नए सॉफ्टवेयर और अपडेट उसके हार्डवेयर पर ज्यादा प्रेशर डाल सकते हैं। उदाहरण के लिए-
- पुराने HDD की तुलना में SSD काफी तेज होती है। - कम RAM होने पर नए ऐप स्लो चलते हैं।
जब लैपटॉप के अंदर धूल जमा हो जाती है या कूलिंग फैन सही से वर्क नहीं करता, तो सिस्टम ज्यादा गर्म होने लगता है। ऐसी कंडीशन में प्रोसेसर खुद अपनी स्पीड स्लो कर देता है ताकि नुकसान न हो। इसे थर्मल थ्रॉटलिंग (Thermal Throttling) कहते हैं।
- स्टोरेज में हमेशा कुछ खाली स्पेस रखें। - अनावश्यक ऐप और फाइलें हटाएं। - स्टार्टअप प्रोग्राम कम करें। - सिस्टम और ड्राइवर अपडेट रखें। - भरोसेमंद एंटीवायरस से रेगुलर स्कैन करें। - लैपटॉप के वेंट और फैन की समय-समय पर सफाई कराएं। - जरूरत पड़ने पर RAM या SSD अपग्रेड कराएं।
नहीं। अगर लैपटॉप का हार्डवेयर ठीक है, तो सिर्फ SSD लगाने, RAM बढ़ाने या सिस्टम की सफाई करने से भी उसकी स्पीड में बड़ा फर्क आ सकता है। कई पुराने लैपटॉप भी इन अपग्रेड के बाद पहले से काफी तेज चलने लगते हैं।
कॉन्टेन्ट सोर्सः Microsoft Support, Intel, Dell Support, HP Support, Norton.