
नई दिल्ली. कई वैज्ञानिक शोधों में यह बात सामने आ चुकी है कि मोटापे से ग्रस्त पुरुष भी अपने शुक्राणुओं की संख्या को दोगुना कर सकते हैं। यदि वे अपना वजन कम करते हैं और वजन घटाने का अभ्यास लगातार करते रहते हैं तो यह संभव है। कोपेनहेगेन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पाया है कि वजन पर नियंत्रण, हेल्दी खानपान और जरूरी एक्सरसाइज करके कोई भी व्यक्ति अपने शुक्राणुओं की संख्या में इजाफा कर सकता है।
क्या कहते हैं शोधकर्ता
नोवो नॉर्डिस्क फाउंडेशन सेंटर फॉर बेसिक मेटाबोलिक रिसर्च में प्रोफेसर रोमेन बैरेस के साथ अध्ययन का नेतृत्व करने वाले प्रो सिग्ने टोरेकोव ने कहा कि यह हमारे लिए आश्चर्यजनक था कि वजन घटाने के संबंध में वीर्य की गुणवत्ता में इतना बड़ा सुधार किया जा सकता है। नए निष्कर्ष प्रजनन क्षमता के लिए अच्छी खबर हो सकते हैं, क्योंकि ज्यादा शुक्राणुओं की संख्या से गर्भावस्था में मदद मिलती है। इस अध्ययन को मान्यता प्राप्त जर्नल ह्यूमन रिप्रोडक्शन में प्रकाशित किया गया है। यह प्रजनन क्षमता के क्षेत्र में सर्वोच्च रैंकिंग में से एक है। रिसर्च में मोटापे से ग्रस्त कुल 56 पुरुषों ने भाग लिया। इनकी आयु 18-65 वर्ष थी और जिनका बॉडी मास इंडेक्स 32 से 43 के बीच था।
कैसे हुआ यह बदलाव
रिसर्च के दौरान पुरुषों ने औसतन 16.5 किलोग्राम वजन कम किया। जिससे वजन घटाने के आठ सप्ताह बाद शुक्राणु की एकाग्रता में 50 प्रतिशत और शुक्राणुओं की संख्या में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई। 52 सप्ताह के दौरान वजन घटाने के बाद परीक्षण किया गया। तब पाया गया कि पुरुषों ने बेहतर वीर्य की गुणवत्ता को बनाए रखा। एक वर्ष के बाद इन पुरुषों में उनके वजन घटाने से पहले की तुलना में दोगुनी शुक्राणु कोशिकाएं पाई गईं। वहीं जिन पुरुषों का वजन फिर से बढ़ गया, उन्होंने वीर्य की गुणवत्ता फिर से खराब पाई गई।
BMI का क्या पड़ा प्रभाव
इस बीच यह भी सामने आया कि जिनकी उम्र ज्यादा है, उनमें शुक्राणु कोशिकाओं से जुड़ी असामान्यताएं पाई जाती हैं। इसका सीधा संबंध बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) से जुड़ा होता है। यह शोध 2 मई को जर्नल डेवलपमेंट सेल में प्रकाशित हुआ। हालांकि यह अच्छी तरह से स्थापित है कि वृद्ध पुरुष कम प्रजनन कर पाते हैं। क्योंकि माना जाता है कि वे जीनोमिक स्तर पर खराब प्रदर्शन करते हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि जीवनशैली या पर्यावरण बदलाव की वजह से ही ऐसा होता है। यूटा स्कूल ऑफ मेडिसिन विश्वविद्यालय के सह-वरिष्ठ लेखक ब्रैडली केर्न्स कहती हैं कि उम्र बढ़ने से मामूली आणविक परिवर्तन होत हैं। उम्र बढ़ने को मोटापे जैसे अतिरिक्त कारकों के साथ जोड़ा जाता है।
कैसे बढ़ाएं शुक्राणुओं की संख्या
1. अपना आहार बदलें। खानपान में सुधार करें साथ ही भोजन के समय में भी सुधार करें।
2. विटामिन सी व एंटीआक्सीडेंट वाली चीजें ज्यादा खाएं। मिनरल जिंक का ज्यादा सेवन करें।
3. अपने टेस्टिकल्स को अत्यधिक गर्मी से बचाएं। खेलते समय जोकस्ट्रेप पहनने की आदत डालें।
4. हर्बल आयल से शरीर की मालिश करते रहें। नियमित व्यायाम पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
5. अनहेल्दी व वसायुक्त भोजन बंद कर दें। स्मोकिंग व ड्रिंकिंग को बंद कर दें।
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