
हेल्थ डेस्क। जिन महिलाओं में 50 वर्ष की उम्र से पहले ही मेनोपॉज (रजोनिवृति) की स्थिति आ जाती है, उनमें हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ जाता है। उन्हें दिल का दौरा पड़ने की संभावना ज्यादा रहती है। उन्हें सीने में दर्द भी हो सकता है या कार्डियक अरेस्ट की समस्या हो सकती है। यह बात एक रिसर्च स्टडी से सामने आई है।
कहां पब्लिश हुई है यह रिसर्च स्टडी
यह रिसर्च स्टडी 'द लांसेट पब्लिक हेल्थ जर्नल' में पब्लिश हुई है। ऑस्ट्रेलिया में क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर गीता मिश्रा ने कहा कि इस रिसर्च से पता चला है कि 40 वर्ष से कम उम्र की जिन महिलाओं को मेनोपॉज हो जाता है, उनमें 60 वर्ष की उम्र से पहले हार्ट डिजीज होने का खतरा दोगुना होता है। उन्होंने कहा कि जिन महिलाओं को 50 से 51 की उम्र के बीच रजोनिवृत्ति होती है, उनमें इस तरह की समस्या ज्यादा नहीं होती। 50 से 52 वर्ष के बीच मेनोपॉज होना स्वाभाविक है।
40 से 44 वर्ष की उम्र में ज्यादा है जोखिम
लांसेट पब्लिक हेल्थ जर्नल में प्रकाशित शोध के मुताबिक, जिन महिलाओं को 40 से 44 वर्ष उम्र में भी रजोनिवृत्ति होती है तो उनमें हार्ट डिजीज होने का खतरा 40 फीसदी ज्यादा होता है। इससे पहले के शोधों में भी समय से पहले रजोनिवृत्ति और हृदय रोगों के बीच संबंध का पता चला था।
15 अध्ययनों के निष्कर्ष को किया गया शामिल
प्रोफेसर गीता मिश्रा ने कहा कि इस अध्ययन में पहले हुए 15 अध्ययनों के निष्कर्ष को भी शामिल किया गया है। इन अध्ययनों में 3,00,000 से अधिक महिलाएं शामिल थीं। वैसे, प्रोफेसर मिश्रा ने यह भी कहा कि गैर जानलेवा हृदय रोगों और समय से पहले होने वाली रजोनिवृत्ति के बीच संबंध अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि धूम्रपान, मोटापा और शिक्षा का स्तर कम होना भी समय से पहले रजोनिवृत्ति और दिल की बीमारियों के बीच संबंधों के पीछे वजह बन जाते हैं।
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