झारखंड की प्रमुख आदिवासी संगठन ने रेलवे मिनिस्टर के की ये मांग, इस भाषा में हो स्टेशन में अनाउंसमेंट

Published : Nov 02, 2022, 07:47 PM IST
झारखंड की प्रमुख आदिवासी संगठन ने रेलवे मिनिस्टर के की ये मांग, इस भाषा में हो स्टेशन में अनाउंसमेंट

सार

झारखंड मे आदिवासी बहुल इलाकों में संथाली भाषा में रेलवे स्टेशन पर सूचना के अनाउंसमेंट को लेकर यहां के एक प्रमुख संगठन ने रेलवे मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखा है। इसके लिए  उन्होंने संविधान की 8 अनुसूची में  भाषा के मान्यता होने के बारे मे अवगत कराते हुए मांग की है। 

जमशेदपुर (jamshedpur). झारखंड एक आदिवासी बहुल राज्य है। जहां प्रदेश के लिए कई  सुविधाएं पहुंचाई जा रही लेकिन भाषा की रूकावट के कारण लोगों तक ये प्रॉपर रूप से नहीं पहुंच पा रही है। इसी कड़ी में एक रेलवे फैसिलिटी है। रेलवे सेक्टर वह विभाग है जिसने देश के विकास के साथ पूरे देश को एक साथ कनेक्टिविटी उपलब्ध करा रहा है। इसका सही उपयोग प्रदेश में भी हो इसके लिए राज्य की एक प्रमुख आदिवासी संगठन ने रेलवे मंत्री ने मांग की है कि इस भाषा में प्लेटफॉर्म में सूचना को प्रसारित किया जाए ताकि लोग बेहतर तरीके से समझ सके। जानिए किस भाषा की बात की जा रही है।

रेलवे मंत्री को पत्र लिख की मांग, संथाली भाषा में हो अनाउंसमेंट
प्रदेश की एक प्रमुख संगठन जिसका नाम आदिवासी सेंगेल  अभियान ने यह मांग देश के सेंट्रल रेल मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने की है। इस संगठन के अध्यक्ष सलखान मुर्मू ने  कहा कि पूर्वी और पूर्वोत्तर के राज्यों के आदिवासी की आबादी ज्यादा होने के कारण इन ट्राइबल इलाकों के रेलवे स्टेशनों पर संथाली भाषा में सूचनाओं का अनाउंसमेंट किया जाए। उन्होंने इसके लिए बकायदा एक पत्र भी रेलवे मंत्री को भेजा है जिसमे लिखा है कि संथाली भाषा को देश के संविधान की आठवीं अनुसूची के तहत मान्यता दी गई थी इसके साथ ही यह यहां झारखंड के साथ ही साथ असम, अरुणाचल प्रदेश, बंगाल, बिहार के कई क्षेत्रों के अलावा ओड़िशा त्रिपुरा आदि राज्यों में बोली जाती है। 

पीएम, गृहमंत्री भी कर चुके है मातृभाषा के बढ़ावे की बात
संगठन के अध्यक्ष ने बताया कि देश के पीएम नरेंद्र मोदी के साथ ही केंद्र के गृहमंत्री अमित शाह ने भी कुछ समय पहले ही राज्यों मे बोली जाने वाली सभी क्षेत्रीय भाषाओं और मातृभाषाओं को बढ़ावा देने की बात कही थी। उन्होंने रेल मंत्री से अनुरोध करते हुए यह पक्का करने को कहा कि आदिवासी बहुल इलाकों में आने वाले सभी रेलवे स्टेशनों पर घोषणाएं संथाली भाषा में की जाएं जो कि समुदाय के लिए यूजफुल साबित होगी। इसके साथ ही संगठन प्रमुख मुर्मू ने इन क्षेत्रों के रेलवे अधिकारियों को इस विषय पर आवश्यक कार्रवाही के साथ उचित निर्दश देने की अपील की है।

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