
उज्जैन. पुरी के ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश मिश्र ने बताया कि 15 दिसंबर को सूर्य रात तकरीबन 3.55 पर धनु राशि में प्रवेश करेंगे। इस कारण 16 दिसंबर से खरमास लग जाएगा। सूर्य मकर संक्रांति यानी 14 जनवरी तक बृहस्पति की राशि में रहेंगे। शास्त्रों के अनुसार जब कभी सूर्य गुरु की राशि धनु में गोचर करते हैं तो इस अवधि में किसी भी तरह के मंगल कार्यों की मनाही रहती है।
अगले साल होली से पहले तक 10 मुहूर्त
अगले साल होली से पहले 10 विवाह मुहूर्त रहेंगे। होली से आठ दिन पहले होलाष्टक शुरू हो जाता है। इन दिनों में मांगलिक काम करने की मनाही होती है। होली के बाद 24 मार्च को बृहस्पति अस्त होने की वजह से मांगलिक कार्य बंद रहेंगे। इसके बाद सीधे संवत्सर 2079 यानी 17 अप्रैल को विवाह का मुहूर्त रहेगा।
2022 में जनवरी-फरवरी के शुभ मुहूर्त
जनवरी: 15, 20, 23, 27 और 29 तारीख
फरवरी: 5, 11, 18, 21 और 22 तारीख
खरमास में मांगलिक कामों की मनाही क्यों?
दरअसल, बृहस्पति मांगलिक कार्यों के कारक ग्रह हैं। सूर्य और देव गुरु बृहस्पति एक-दूसरे के शत्रु ग्रह माने गए हैं। जब कभी ये दोनों ग्रह एक-दूसरे के मार्ग में आते हैं तो एक-दूसरे को ढंकने का प्रयास करते हैं। विद्वानों का मत है कि गुरु के प्रभाव में आने मात्र से सूर्य मलीन हो जाते हैं और 16 दिसंबर को वे गुरु के स्वामित्व वाली धनु राशि में प्रवेश करेंगे। ऐसे में इस अवधि के दौरान शुभ कार्य नहीं किए जा सकेंगे।
विष्णु, देवगुरु की पूजा से लाभ
शास्त्रों के मुताबिक, खरमास के दौरान भगवान विष्णु की आराधना की जाए तो जीवन में रूके हुए कार्य पूर्ण होते हैं। सूर्य के अलावा देवगुरु बृहस्पति के मंत्रों का जाप करना भी लाभकारी माना गया है। नित्य मंदिर जाकर देव दर्शन करना भी फलदायी होता है।
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