
उज्जैन. हिंदू धर्म में बिना पंचांग देखे कोई भी नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता, इसके लिए विशेष तिथि और वार रखे जाते है। पंचांग का सबसे पहला अंग नक्षत्र होता है आकाश में जो तारों का समूह होता है उसे नक्षत्र कहते हैं। ज्योतिष के मुताबिक देखा जाए तो यह 26 होते हैं, लेकिन जब पंचांग देखा जाता है तो 27वें नक्षत्र को भी गिना जाता है। पंचांग के अन्य अंग होते हैं- करण, वार, योग और तिथि। इन सभी को मिलाकर पंचांग का निर्धारण किया जाता है। पंचांग हमारे दैनिक जीवन में काफी उपयोगी होता है। आगे जानिए आज के पंचांग से जुड़ी खास बातें…
आज करें देवशयनी एकादशी व्रत
आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी कहते हैं। मान्यता है कि इस दिन से भगवान विष्णु अगले 4 महीनों तक पाताल लोक में निवास करते हैं और सृष्टि का संचालन महादेव संभालते हैं। इसी दिन से चातुर्मास भी शुरू हो जाते हैं। हिंदू धर्म के अनुसार, इन चार महीनों में बहुत से नियमों का पालन करना पड़ता है। इन 4 महीनों में बहुत सी चीजें खाने पर पाबंदी रहती है। साथ ही पूजा-पाठ आदि से जुड़े नियमों का पालन भी करना होता है।
10 जुलाई का पंचांग (Aaj Ka Panchang 10 July 2022)
10 जुलाई 2022, दिन रविवार को आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। इसे देवशयनी एकादशी कहते हैं। इस दिन सूर्योदय विशाखा नक्षत्र में होगा, जो सुबह 09.55 तक रहेगा, इसके बाद अनुराधा नक्षत्र रात अंत तक रहेगा। रविवार को पहले विशाखा नक्षत्र होने से उत्पात और उसके बाद अनुराधा नक्षत्र होने से मृत्यु नाम के 2 अशुभ योग इस दिन बन रहे हैं। इस दिन राहुकाल शाम 05:32 से 07:12 तक रहेगा। इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें।
ग्रहों की स्थिति कुछ इस प्रकार से होगी...
रविवार को चंद्रमा वृश्चिक राशि में, बुध और सूर्य मिथुन राशि में, मंगल और राहु मेष राशि में, शुक्र वृषभ राशि में, केतु तुला राशि में, गुरु मीन में और शनि कुंभ राशि में रहेंगे। रविवार को पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए। यदि करनी पड़े तो दलिया, घी या पान खाकर ही घर से निकलें।
10 जुलाई के पंचांग से जुड़ी अन्य खास बातें
विक्रम संवत- 2079
मास पूर्णिमांत- आषाढ़
पक्ष- शुक्ल
दिन- रविवार
ऋतु- वर्षा
नक्षत्र- विशाखा और अनुराधा
करण- विष्टि और बव
सूर्योदय - 5:52 AM
सूर्यास्त - 7:12 PM
चन्द्रोदय - 3:47 PM
चन्द्रास्त - 2:52 AM
अभिजीत मुहूर्त- 12:05 PM – 12:58 PM
10 जुलाई का अशुभ समय (इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें)
यम गण्ड - 12:32 PM – 2:12 PM
कुलिक - 3:52 PM – 5:32 PM
दुर्मुहूर्त - 05:25 PM – 06:18 PM
वर्ज्यम् - 01:34 PM – 03:02 PM
अशुभ फल देता है अतिगण्ड योग (Atigand Yoga)
ज्योतिष में कुल 27 योग बताए गए हैं। इनमें से कुछ अशुभ और कुछ शुभ होते हैं। 27 योगों में अतिगण्ड नाम का योग छठा है। इसे अशुभ योगों में गिना जाता है। इस योग में जिनका जन्म होता है उनकी माता को कष्ट और परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अतिगण्ड में जब गण्डान्त योग (Gandant Yoga) बनता है तो उस समय जिस व्यक्ति का जन्म होता है वह व्यक्ति हत्या करने वाला भी हो सकता है।
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