
उज्जैन. हिंदू धर्म में कोई भी शुभ काम करने से पहले मुहूर्त जरूर देखा जाता है। मुहूर्त देखने के लिए या तो किसी विद्वान ज्योतिषी से सलाह ली जाती है या फिर पंचांग का सहारा लिया जाता है। वास्तव में पंचांग एक हिंदू कैलेंडर की तरह होता है जिसमें हर दिन के शुभ मुहूर्त, राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त, तिथि, त्योहार और ग्रह-नक्षत्रों की जानकारी होती है। हमारे देश में कई पंचांग प्रचलित है, इनमें से विक्रम पंचांग सबसे अधिक देखा जाता है। आगे जानिए आज के पंचांग से जुड़ी खास बातें…
श्रावण मास का महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार साल का पांचवां महीना श्रावण होता है। इस महीने को शिव का महीना भी कहते हैं क्योंकि इस महीने में शिवजी की पूजा का विशेष महत्व माना गया है। श्रावण के अंतिम दिन यानी पूर्णिमा तिथि पर रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाता है। इस दिन चंद्रमा श्रवण नक्षत्र में होता है इसलिए इस महीने का नाम श्रावण रखा गया है। इस बार ये महीना 14 जुलाई से 11 अगस्त तक रहेगा।
15 जुलाई का पंचांग (Aaj Ka Panchang 15 July 2022)
15 जुलाई 2022, दिन शुक्रवार को श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की द्वितिया तिथि है। इस दिन सूर्योदय श्रवण नक्षत्र में होगा, जो दिन भर रहेगा। शुक्रवार को श्रवण नक्षत्र होने से धूम्र नाम का अशुभ योग इस दिन बन रहा है। इसके अलावा इस दिन प्रीति नाम का एक अन्य शुभ योग भी बन रहा है। इस दिन राहुकाल सुबह 10:53 से दोपहर 12:32 तक रहेगा। इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें।
ग्रहों की स्थिति कुछ इस प्रकार से होगी...
शुक्रवार को चंद्रमा मकर राशि में, शुक्र, सूर्य और बुध मिथुन में, शनि मकर राशि (वक्री), मंगल और राहु मेष राशि में, केतु तुला राशि में और गुरु (वक्री) मीन राशि में रहेंगे। शुक्रवार को पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए। अगर यात्रा करना जरूरी हो तो जौ या राईं खाकर घर से बाहर निकलें।
15 जुलाई के पंचांग से जुड़ी अन्य खास बातें
विक्रम संवत- 2079
मास पूर्णिमांत- श्रावण
पक्ष- कृष्ण
दिन- शुक्रवार
ऋतु- वर्षा
नक्षत्र- श्रवण
करण- गण और वणिज
सूर्योदय - 5:54 AM
सूर्यास्त - 7:11 PM
चन्द्रोदय - Jul 15 9:04 PM
चन्द्रास्त - Jul 16 8:22 AM
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12:06 से 12:59 तक
15 जुलाई का अशुभ समय (इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें)
यम गण्ड - 3:52 PM – 5:31 PM
कुलिक - 7:33 AM – 9:13 AM
दुर्मुहूर्त - 08:33 AM – 09:26 AM, 12:59 PM – 01:52 PM
वर्ज्यम् - 09:08 PM – 10:34 PM
वृद्धि योग (Vridhhi Yoga)
ज्योतिष शास्त्र में 27 शुभ-अशुभ योगों के बारे में बताया गया है। ये पंचांग के 5 अंगों में से एक है। इनमें से ग्यारहवें योग का नाम वृद्धि है। इस योग में जन्म लेने वाला व्यक्ति रूप और स्वभाव दोनों से सुन्दर होता है। इनकी पत्नी और पुत्र दोनों ही अच्छे स्वभाव और गुणों वाले होते हैं। ये पराक्रमी एवं शक्ति से सम्पन्न होते हैं और सांसारिक सुखों का उपभोग करते हैं यानी इन्हें हर तरह की खुशियां मिलती हैं।
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