
उज्जैन. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुल 27 नक्षत्र होते हैं। इनमें से कुछ शुभ तो कुछ अशुभ होते हैं। शुभ नक्षत्र वो होते हैं जिनमें किए गए सभी काम सिद्ध और सफल होते हैं। ये नक्षत्र इस प्रकार हैं- रोहिणी, अश्विन, मृगशिरा, पुष्य, हस्त, चित्रा, रेवती, श्रवण, स्वाति, अनुराधा, उत्तराभाद्रपद, उत्तराषाढा, उत्तरा फाल्गुनी, घनिष्ठा, पुनर्वसु। नक्षत्र पंचांग के प्रमुख अंगों में से एक है। इनके बिना पंचांग की गणना करना असंभव है। आगे जानिए आज के पंचांग से जुड़ी खास बातें…
आज करें शुक्र प्रदोष व्रत
धर्म ग्रंथों के अनुसार, प्रत्येक महीने के दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए प्रदोष व्रत किया जाता है। इस बार 23 सितंबर, शुक्रवार को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी का योग बन रहा है। शुक्रवार को प्रदोष व्रत होने से ये शुक्र प्रदोष कहलाएगा। जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा कमजोर हो, उन्हें ये व्रत जरूर करना चाहिए।
23 सितंबर का पंचांग (Aaj Ka Panchang 23 september 2022)
23 सितंबर 2022, दिन शुक्रवार को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पूरे दिन रहेगी। इस दिन प्रदोष व्रत किया जाएगा। शुक्रवार को सूर्योदय मघा नक्षत्र में होगा, जो दिन भर रहेगा। शुक्रवार को मघा नक्षत्र होने से काण नाम का शुभ योग इस दिन बन रहा है। इसके अलावा सिद्ध और साध्य नाम के 2 अन्य योग भी इस दिन रहेंगे। इस दिन राहुकाल सुबह 10:49 से दोपहर 12:19 तक रहेगा।
ग्रहों की स्थिति कुछ इस प्रकार रहेगी...
शुक्रवार को चंद्रमा सिंह राशि में, सूर्य और बुध कन्या राशि में, शुक्र सिंह राशि में, मंगल वृष राशि में, शनि मकर राशि में (वक्री), राहु मेष राशि में, गुरु मीन राशि में (वक्री) और केतु तुला राशि में रहेंगे। गुरुवार को दक्षिण दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिए। यदि करनी पड़े तो दही या जीरा मुंह में डाल कर निकलें।
23 सितंबर के पंचांग से जुड़ी अन्य खास बातें
विक्रम संवत- 2079
मास पूर्णिमांत- आश्विन
पक्ष-कृष्ण
दिन- शुक्रवार
ऋतु- शरद
नक्षत्र- मघा
करण- गर और वणिज
सूर्योदय - 6:19 AM
सूर्यास्त - 6:18 PM
चन्द्रोदय - Sep 23 3:44 AM
चन्द्रास्त - Sep 23 5:07 PM
अभिजीत मुहूर्त- 11:55 AM से 12:43 PM
23 सितंबर का अशुभ समय (इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें)
यम गण्ड - 3:19 PM – 4:49 PM
कुलिक - 7:49 AM – 9:19 AM
दुर्मुहूर्त - 08:43 AM – 09:31 AM, 12:43 PM – 01:31 PM
वर्ज्यम् - 12:16 PM – 01:57 PM
क्या होते हैं ये नक्षत्र?
सितारों के समूहों को नक्षत्र कहा जाता है। जिन 27 सितारों के समूह के बीच से चंद्रमा गुजरता है वही अलग अलग 27 नक्षत्र के नाम से जाने जाते हैं। यानी हमारा पूरा तारामंडल इन्हीं 27 समूहों में बंटा हुआ है। इन नक्षत्रों के नाम इस प्रकार हैं- अश्विन नक्षत्र, भरणी नक्षत्र, कृत्तिका नक्षत्र, रोहिणी नक्षत्र, मृगशिरा नक्षत्र, आर्द्रा नक्षत्र, पुनर्वसु नक्षत्र, पुष्य नक्षत्र, आश्लेषा नक्षत्र, मघा नक्षत्र, पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र, उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र, हस्त नक्षत्र, चित्रा नक्षत्र, स्वाति नक्षत्र, विशाखा नक्षत्र, अनुराधा नक्षत्र, ज्येष्ठा नक्षत्र, मूल नक्षत्र, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, श्रवण नक्षत्र, घनिष्ठा नक्षत्र, शतभिषा नक्षत्र, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र, रेवती नक्षत्र।
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