
उज्जैन. पंचांग का ज्योतिष शास्त्र में बहुत महत्व है। पंचांग ज्योतिष के पांच अंगों का मेल है, जिसमें तिथि, वार, करण, योग और नक्षत्र शामिल है। तिथियों की संख्या 16, वार की संख्या 7, करण की संख्या 11 और योग व नक्षत्र की संख्या 27-27 है। इन सभी को मिलाकर पंचांग का निर्णाण होता है। पंचांग के माध्यम से ही हमें शुभ समय, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिंदू माह आदि के बारे में जानकारी मिलती है। आगे जानिए आज के पंचांग से जुड़ी खास बातें…
किसानों के लिए खास है हलहारिणी अमावस्या
आषाढ़ मास की अमावस्या को हलहारिणी अमावस्या कहते हैं। इस बार ये अमावस्या 28 जून, मंगलवार को है। ये दिन किसानों के लिए बहुत ही खास होता है क्योंकि इस दिन वे कृषि उपकरणों सहित बैल की भी पूजा करते हैं और अच्छी बारिश की कामना करते हैं, जिससे अच्छी फसल पैदा हो। इस दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए विशेष उपाय भी किए जाते हैं।
28 जून का पंचांग (Aaj Ka Panchang 28 June 2022)
28 जून 2022, दिन मंगलवार को आषाढ़ मास की अमावस्या है। इसे हलहारिणी अमावस्या कहते हैं। इस दिन सूर्योदय मृगशिरा नक्षत्र में रहेगा, जो शाम को 7 बजे तक रहेगा। इसके बाद आर्द्रा नक्षत्र रात अंत तक रहेगा। मंगलवार को पहले मृगशिरा नक्षत्र होने से राक्षस नाम का अशुभ योग और उसके बाद आर्द्रा नक्षत्र होने से चर नाम का शुभ योग इस दिन बन रहा है। इस दिन राहुकाल दोपहर 03:51 से शाम 05:32 तक रहेगा। इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें।
ग्रहों की स्थिति कुछ इस प्रकार से होगी...
मंगलवार को चंद्रमा मिथुन राशि में, मंगल और राहु मेष राशि में, सूर्य मिथुन राशि में, बुध और शुक्र वृषभ राशि में, केतु तुला राशि में, गुरु मीन में और शनि कुंभ राशि में रहेंगे। मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिए। यदि निकलना पड़े तो गुड़ खाकर यात्रा पर जाना चाहिए।
28 जून के पंचांग से जुड़ी अन्य खास बातें
विक्रम संवत- 2079
मास पूर्णिमांत- आषाढ़
पक्ष- कृष्ण
दिन- मंगलवार
ऋतु- वर्षा
नक्षत्र- मृगशिरा और आर्द्रा
करण- चतुष्पद और नाग
सूर्योदय - 5:47 AM
सूर्यास्त - 7:12 PM
चन्द्रोदय - 4:47 AM
चन्द्रास्त - 6:53 PM
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12.02 से 12.56
28 जून का अशुभ समय (इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें)
यम गण्ड - 9:08 AM – 10:49 AM
कुलिक - 12:30 PM – 2:10 PM
दुर्मुहूर्त - 08:28 AM – 09:22 AM और 11:26 PM – 12:09 AM
वर्ज्यम् - 04:33 AM – 06:21 AM
गर करण का प्रतीक चिह्न है हाथी
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पंचांग 5 अंगों से मिलकर बनता है। इनमें से करण भी एक है, करण तिथि का आधा हिस्सा होता है। कुल 11 करण बताए गए हैं, इनमें से गर पांचवां है। इसका प्रतीक चिह्न हाथी है। इसे प्रौढ़ माना गया है तथा इसकी अवस्था बैठी हुई मानी गई है। इस करण में जन्म लेने वाले लोग शांत स्वभाव के होते हैं। ये कृषि एवं भूमि से जुड़े व्यापार में लाभ प्राप्त करते हैं। ये लोग यांत्रिकी एवं गणित में विशेष रूचि रखते हैं। इस करण में गृह प्रवेश आदि अर्थात वास्तु से जुड़े सभी काम करना शुभ माना जाता है।
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