
उज्जैन. हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य से पहले मुहूर्त देखने की परंपरा है। मुहूर्त देखने के लिए या तो किसी विद्वान से सलाह ली जाती है या फिर पंचांग के जरिए शुभ मुहूर्त देखा जाता है। पंचांग पुरातन समय का कैलेंडर है, जिसमें तिथि, नक्षत्र, ग्रह, वार आदि की जानकारी विस्तारपूर्वक बताई जाती है। ज्योतिषियों के अनुसार, पंचांग के 5 अंग बताए गए हैं, इनमें नक्षत्र, वार, करण, योग व तिथि शामिल है। इन सभी को मिलाकर हर दिन का एक अलग पंचांग बनाया जाता है। आगे जानिए आज के पंचांग से जुड़ी खास बातें…
गुप्त नवरात्रि आज से
30 जून, गुरुवार को आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। इसी दिन से गुप्त नवरात्रि का शुरूआत होगी। वैसे तो साल में 4 नवरात्रि होती है। इनमें से 2 प्रकट और 2 गुप्त होती है। आषाढ़ मास में गुप्त नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इन 9 दिनों में शिव-शक्ति के संहारक गणों की पूजा की जाती है। तंत्र-मंत्र सिद्धि के लिए भी ये गुप्त नवरात्रि बहुत खास मानी जाती है।
30 जून का पंचांग (Aaj Ka Panchang 30 June 2022)
30 जून 2022, दिन गुरुवार को आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। इस दिन से ही गुप्त नवरात्रि का आरंभ होगा। इस दिन सूर्योदय पुनर्वसु नक्षत्र में होगा, जो रात अंत तक रहेगा। गुरुवार को पुनर्वसु नक्षत्र होने से सिद्धि नाम का शुभ योग इस दिन बन रहा है। इस दिन राहुकाल दोपहर 2:11 से 3:51 तक रहेगा। इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें।
ग्रहों की स्थिति कुछ इस प्रकार से होगी...
गुरुवार की शाम को चंद्रमा राशि बदलकर मिथुन से कर्क राशि में प्रवेश करेगा। इस दिन मंगल और राहु मेष राशि में, सूर्य मिथुन राशि में, बुध और शुक्र वृषभ राशि में, केतु तुला राशि में, गुरु मीन में और शनि कुंभ राशि में रहेंगे। मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिए। यदि निकलना पड़े तो गुड़ खाकर यात्रा पर जाना चाहिए।
30 जून के पंचांग से जुड़ी अन्य खास बातें
विक्रम संवत- 2079
मास पूर्णिमांत- आषाढ़
पक्ष- शुक्ल
दिन- गुरुवार
ऋतु- वर्षा
नक्षत्र- पुनर्वसु
करण- बव और बालव
सूर्योदय - 5:48 AM
सूर्यास्त - 7:12 PM
चन्द्रोदय - Jun 30 6:27 AM
चन्द्रास्त - Jun 30 8:31 PM
अभिजीत मुहूर्त- 12:03 PM – 12:57 PM
30 जून का अशुभ समय (इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें)
यम गण्ड - 5:48 AM – 7:28 AM
कुलिक - 9:09 AM – 10:49 AM
दुर्मुहूर्त - 10:16 AM – 11:10 AM और 03:38 PM – 04:31 PM
वर्ज्यम् - 10:03 AM – 11:51 AM
सातवां करण है विष्टि, इसे भद्रा भी कहते हैं
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पंचांग 5 अंगों से मिलकर बनता है, इनमें से करण भी एक है। कुल 11 करण बताए गए हैं, इनमें से विष्टि सातवां है। इसे शुभ नहीं माना जाता। इसके प्रभाव में शुभता में कमी आती है। इस करण को भद्रा के नाम से भी जाना गया है। ज्योतिष के अनुसार भद्रा जब पृथ्वी पर होती है तो शुभ कार्यों में बाधा पहुंचाती है। इस करण में जन्में लोग निडर होते हैं। सेहत को लेकर इन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ये अनैतिक कामों की ओर जल्दी ही आकर्षित हो जाते हैं। इन्हें लोगों के साथ घुलना-मिलना पसंद नहीं होता।
ये भी पढ़ें...
जुलाई 2022 में बुध ग्रह 3 बार बदलेगा राशि, शनि और गुरु की बदलेगी चाल, राशियों पर ऐसा होगा असर
Aaj Ka Rashifal, ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति और आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा—यहां सबसे सटीक जानकारी पढ़ें। इसके साथ ही विस्तृत Rashifal in Hindi में जीवन, करियर, स्वास्थ्य, धन और रिश्तों से जुड़े रोज़ाना के ज्योतिषीय सुझाव पाएं। भविष्य को बेहतर समझने के लिए Tarot Card Reading के insights और जीवन पथ, भाग्यांक एवं व्यक्तित्व को समझने हेतु Numerology in Hindi गाइड भी पढ़ें। सही दिशा और सकारात्मक मार्गदर्शन के लिए भरोसा करें — Asianet News Hindi पर उपलब्ध विशेषज्ञ ज्योतिष कंटेंट पर।