
उज्जैन. सभी नौ ग्रहों के उपाय करने के साथ ही देवी लक्ष्मी के प्रतीक श्रीयंत्र की पूजा रोज करेंगे तो बड़ी-बड़ी समस्याएं और गरीबी भी दूर हो सकती है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रफुल्ल भट्ट के अनुसार, जानिए श्रीयंत्र से जुड़ी खास बातें...
कैसा होता है श्रीयंत्र?
जिस प्रकार मंत्रों की शक्ति उनके शब्दों में होती है, ठीक उसी प्रकार श्रीयंत्र की शक्ति इसकी रेखाओं और बिंदुओं में होती है। श्रीयंत्र में 9 त्रिभुज होते हैं। इन 9 त्रिभूजों से मिलकर 45 नए त्रिभुज बनते हैं। श्रीयंत्र के बीच में सबसे छोटे त्रिभुज के बीच एक बिंदू होता है। श्रीयंत्र में कुल 9 चक्र होते हैं जो कि 9 देवियों का प्रतीक होते हैं।
अलग-अलग धातुओं के श्रीयंत्र का फायदा है अलग
1. पारद श्रीयंत्र रखने से सिद्धि व लक्ष्मी प्राप्ति के लिए रखा जाता है।
2. अष्टधातु का श्रीयंत्र रखने से पारिवारिक सुख और धन लाभ प्राप्त होता है।
3. स्फटिक श्रीयंत्र रखने से शांति, ज्ञान और समृद्धि मिलती है।
4. स्वर्ण श्रीयंत्र व्यवसाय के शुभ रहता है।
5. तांबे का श्रीयंत्र रखने से धन की कामना पूरी होती है।
6. अगर आप किसी को दान में या उपहार में देना चाहते हैं तो रजत यानी चांदी का श्रीयंत्र दे सकते हैं।
श्रीयंत्र कैसे रखें?
अगर आप श्रीयंत्र रखना चाहते हैं तो एक लाल कपड़े पर श्रीयंत्र रखें और उसके एक तरफ जल का कलश रखें। रोज श्रीयंत्र पर श्रीं यानी लक्ष्मी के बीज मंत्र का उच्चारण करते हुए कुमकुम चढ़ाएं। विधि-विधान से पूजा करें। इस तरह 11 दिन तक पूजा करने के बाद तिजोरी में एक लाल कपड़ा बिछाकर उस पर श्रीयंत्र रखें।
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