
उज्जैन. ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार केतु के स्वामित्व वाले नक्षत्र मूल में ग्रहण होगा और नवांश या मूल कुंडली में किसी प्रकार का अनिष्ट योग नहीं होने से प्रकृति को नुकसान की संभावना नहीं है।
किन लोगों पर होगा सबसे ज्यादा असर?
इस सूर्यग्रहण का सबसे ज्यादा नेगेटिव असर धनु राशि और मूल नक्षत्र वाले लोगों पर दिखाई देगा। इसके अलावा जिनका जन्म नक्षत्र ज्येष्ठा एवं पूर्वाषाढ़ा है, इन लोगों पर भी इसका नेगेटिव असर होगा। जिन लोगों की कुंडली में ग्रहण योग है, उन्हें भी इस दौरान बचकर रहना चाहिए।
ग्रहण के दौरान क्या करें-
1. सूर्यग्रहण के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ करें।
2. मन ही मन अपने ईष्टदेव (जिसे आप सबसे ज्यादा पूजते हैं) का ध्यान करें।
3. सूर्यदेव के मंत्रों का जाप करें-
ऊं भास्कराय पुत्रं देहि महातेजसे।
धीमहि तन्नः सूर्य प्रचोदयात्।।
4. ग्रहण शुरू होने से पहले शिवलिंग पर सफेद चंदन चढ़ाएं और समाप्त होने के बाद साफ पानी से शिवलिंग का अभिषेक कर पूजा करें।
5. ग्रहण के दौरान महामृत्युंजय मंत्र का जप करें। इस उपाय से आपकी हर परेशानी दूर हो सकती है-
ऊं हौं जूं सः ऊं भूर्भुवः स्वः ऊं त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ऊं स्वः भुवः भूः ऊं सः जूं हौं ऊं
6. ग्रहण के दौरान अपने राशि स्वामी के मंत्रों का जाप करने से भी शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है।
7. धन लाभ के लिए राशि अनुसार लक्ष्मी मंत्रों का जाप करें। इससे देवी लक्ष्मी की कृपा आप पर बनी रहेगी।
Aaj Ka Rashifal, ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति और आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा—यहां सबसे सटीक जानकारी पढ़ें। इसके साथ ही विस्तृत Rashifal in Hindi में जीवन, करियर, स्वास्थ्य, धन और रिश्तों से जुड़े रोज़ाना के ज्योतिषीय सुझाव पाएं। भविष्य को बेहतर समझने के लिए Tarot Card Reading के insights और जीवन पथ, भाग्यांक एवं व्यक्तित्व को समझने हेतु Numerology in Hindi गाइड भी पढ़ें। सही दिशा और सकारात्मक मार्गदर्शन के लिए भरोसा करें — Asianet News Hindi पर उपलब्ध विशेषज्ञ ज्योतिष कंटेंट पर।