
उज्जैन. रक्षाबंधन पर सर्वार्थ सिद्धि और दीर्घायु आयुष्मान का शुभ संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, रक्षाबंधन पर ऐसा शुभ संयोग 29 साल बाद आया है। साथ ही इस साल भद्रा और ग्रहण का साया भी रक्षाबंधन पर नहीं पड़ रहा है।
सोमवार को रक्षाबंधन शुभ
इस बार रक्षाबंधन सावन के पांचवे व अंतिम सोमवार को है। सोमवार को रक्षाबंधन का संयोग देश के लिए शुभ माना गया है। भद्रा सूर्य की पुत्री है, जो इस बार रक्षाबंधन के दिन सुबह 9.29 बजे तक रहेगी। सोमवार को रक्षाबंधन की सुबह 7.20 बजे तक उत्तराषाढ़ा नक्षत्र है, उसके बाद श्रवण नक्षत्र लग जाएगा।
जानिए शुभ संयोग के बारे में-
- इस साल रक्षाबंधन पर सर्वार्थ सिद्धि और दीर्घायु आयुष्मान योग बन रहा है। ये दोनों ही योग ज्योतिषिय दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण हैं। इन योगों में किया गया मांगलिक कार्य, उपाय, दान आादि शुभ फल प्रदान करते हैं।
- इसके अलावा रक्षाबंधन पर सूर्य शनि के समसप्तक योग, सोमवती पूर्णिमा, मकर का चंद्रमा श्रवण नक्षत्र, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र और प्रीति योग बन रहा है।
- इसके पहले यह संयोग साल 1991 में बना था। इस संयोग को कृषि क्षेत्र के लिए विशेष फलदायी माना जा रहा है।
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