'एनिमल पू' से बनता है दुनिया की सबसे महंगी Coffee

Published : Feb 04, 2025, 06:05 PM ISTUpdated : Feb 04, 2025, 06:06 PM IST
Banana and coffee health benefits

सार

दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, कोपी लुवाक, जानवरों के मल से बनती है! इसके स्वास्थ्य लाभों पर सवाल उठ रहे हैं और जानवरों के साथ क्रूरता की चिंताएँ भी हैं। क्या यह सिर्फ़ एक मार्केटिंग चाल है?

फूड डेस्क. कोपी लुवाक ( kopi luwak)को दुनिया की सबसे महंगी कॉफी कहा जाता है।लेकिन इसकी खासियत सिर्फ इसकी ऊंची कीमत ही नहीं, बल्कि इसका अनोखा बनाने का तरीका भी है। यह कॉफी जानवर के मल से बनाया जाता है। पढ़कर हैरानी हुई ना। यह कॉफी एशियन पाम सिवेट नामक बिल्ली जैसे दिखने वाले छोटे जानवर के पाचन तंत्र से होकर गुजरती है।फिर इसके मल से निकाले गए बीन्स को धोकर, सुखाकर और भूनकर तैयार किया जाता है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या यह कॉफी वाकई उतनी सेहतमंद है, जितना दावा किया जाता है?

कई लोग इसे सेहतमंद मानते हैं और दावा करते हैं कि यह गट हेल्थ (पाचन तंत्र के लिए लाभदायक), दांतों को मजबूत बनाने और एसिडिटी कम करने में मदद करती है। हालांकि, पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि इन दावों के पीछे कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं।

कोपी लुवाक: महंगी लेकिन क्लाविटी पर क्वेच्शन मार्क

कोपी लुवाक के प्रेमी इसकी कम कड़वाहट और अनोखे स्वाद की तारीफ करते हैं, लेकिन यह कॉफी कितनी अच्छी होगी, यह इस बात पर निर्भर करता है कि सिवेट्स (Civets) को कैसे रखा गया है।जेम्स हॉफमैन (James Hoffman) एक फेमस कॉफी एक्सपर्ट ने इसे नहीं पीने की सलाह दी है।उनका कहना है कि "कोपी लुवाक के लिए सिवेट्स को अमानवीय परिस्थितियों में पिंजरों में रखा जाता है, और उन्हें जबरदस्ती कॉफी के बीज खिलाए जाते हैं, जिससे उनकी सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है।"

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वास्तव में, बड़े पैमाने पर प्रोडक्टिव कोपी लुवाक को सिवेट्स के लिए हानिकारक माना जाता है। अधिकतर जानवरों को 'बैटरी फार्मिंग' (Battery Farming) यानी छोटे-छोटे पिंजरों में बंद करके जबरन कॉफी चेरी खिलाई जाती हैं, जिससे वे तनाव में रहते हैं और उनकी सेहत खराब होती है।

कोपी लुवाक की कीमत और लोकप्रियता

कोपी लुवाक की सालाना उत्पादन मात्रा केवल 500 पाउंड (लगभग 227 किलोग्राम) है और इसकी कीमत 600 डॉलर प्रति पाउंड (करीब 50,000 रुपये प्रति किलो) तक पहुंच सकती है। इसकी लोकप्रियता को तब बढ़ावा मिला जब ओपरा विनफ्रे (Oprah Winfrey) ने 2003 में अपने टीवी शो में इसे पेश किया था। लांकि, कई विशेषज्ञ इसे महज मार्केटिंग ट्रिक मानते हैं

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