Winter Greens Planting Tips: सर्दी के मौसम में साग का स्वाद लेना हर किसी को पसंद है। मेथी, सरसो, पालक, बथुआ समेत कई तरह के साग किचन का हिस्सा बन जाते हैं। लेकिन बाजार का साग केमिकल से भरा होता है।
घर पर हम केमिकल फ्री साग उगा सकते हैं। वो भी बहुत कम मेहनत में। एक महीने के अंदर आप घर पर साग उगाकर खा सकते हैं। तो चलिए बताते हैं, आपको 5 ऐसे साग जिसे बिना मेहनत उगा सकते हैं और 30 दिन के अंदर काट कर खा भी सकते हैं।
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पालक
पालक सर्दियों का सुपरफूड है। इसमें आयरन और विटामिन C भरपूर मात्रा में होता है। चौड़े गमले में आप पालक का बीज छिड़के। हल्का सा पानी डालकर उसे छांव में रख दें। 5 दिन में बीज अंकुरित होने लगेगा। पालक में हल्का पानी ही डालते रहिएगा, नहीं तो यह सड़ सकता है। जब पालक से पत्ते निकलने लगें तो फिर वहां रखें जहां 3 घंटे के करीब धूप आती हो। पालक का साग 20 दिन के अंदर तैयार हो जाता है।
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सरसों का साग
सरसो और पालक साग का कॉम्बिनेशन जबरदस्त होता है। सर्दी के मौसम में मक्के की रोटी के साथ सरसो का साग खाने मजा ही कुछ और होता है। यह टेस्ट के साथ-साथ इम्यूनिटी भी बढ़ाता है और शरीर को अंदर से गर्म रखता है। इसे भी कम मेहनत में घर पर आसानी से उगा सकते हैं। गमले में सरसो के बीज को छिड़क दें और हल्का सा पानी ऊपर से डालें। थोड़े दिन में यह साग खाने लायक हो जाता है।
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बथुआ
बथुआ पेट की सफाई के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। कब्ज और गैस की समस्या से परेशान लोगों के लिए यह रामबाण है। बथुआ उगाने के लिए गमले या ट्रे में भुरभुरी मिट्टी भरें और उसके बीज ऊपर से छिड़क दें।हल्का पानी डालें और गमले को रोज़ धूप वाली जगह पर रखें। 10-12 दिन में ताजा और केमिकल-फ्री बथुआ उगकर तैयार हो जाता है।
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मेथी
मेथी उगाने के लिए गमले में अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी भरें और बीज ऊपर से छिड़क दें। हल्का पानी डालकर गमले को धूप वाली जगह पर रखें। 7-10 दिन में ताजी और केमिकल-फ्री मेथी घर पर उग जाती है।मेथी के पत्ते डायबिटीज कंट्रोल करने और पाचन सुधारने में मददगार हैं।
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लाल साग
लाल साग उगाने के लिए गमले या ट्रे में भुरभुरी और उपजाऊ मिट्टी भरें। बीज हल्के से छिड़कें, ऊपर पतली मिट्टी डालें और रोज थोड़ा पानी दें। धूप वाली जगह पर रखें, 10-15 दिन में ताजा केमिकल-फ्री लाल साग तैयार हो जाता है। लाल साग खाने से शरीर में खून की कमी दूर होती है, क्योंकि इसमें आयरन भरपूर मात्रा में होता है। यह इम्यूनिटी को भी बढ़ाता है।