Nail in Papaya Tree Myth: क्या पपीते के पौधे में कील ठोकने से जल्दी फल आते हैं? जानिए इस पारंपरिक मान्यता का सच, वैज्ञानिक राय और पपीते में अधिक फल पाने के सही तरीके।
अगर घर में पपीते का पेड़ लगाया है और उसे पर तीन-चार महीने से फल नहीं आ रही हैं, तो क्या आप कील ठोकने का सोच रहे हैं? ग्रामीण इलाकों में बागवानी से जुड़े कुछ ट्रेडिशनल टिप्स में यह तरीका अपनाया जाता है। पपीते के तने में लोहे की कील ठोक देने से उसमें जल्दी फल आने लगते हैं। कई लोग आज भी इस उपाय को अपनाते हैं लेकिन क्या वाकई में पपीते के तने में कील लगाने से फल जल्दी आते हैं? यह एक पारंपरिक मान्यता है और वैज्ञानिक तथ्यों से इसका कोई लेना देना नहीं है। आइए जानते हैं कि आखिर पपीते के पेड़ से जुड़ी यह पारंपरिक मान्यता क्या है?
25
पपीते में फल लाने की पारंपरिक मान्यता
कई किसान पपीते के पौधे में फल न आने पर तने में लोहे की कील ठोकते हैं। उनका मानना है कि इससे पौधे को झटका मिलता है और तनाव के कारण पौधा जल्दी फूल और फल देने लगता है। कुछ लोग यह भी मानते हैं कि लोहे की कील से पौधे को आयरन मिलता है, जिससे वह तेजी से बढ़ता है और फल देने लगता है। आइए जानते हैं कि इस बात का वैज्ञानिक दृष्टिकोण से कोई लेना देना है या नहीं?
35
क्या है सांइटिफिक फैक्ट?
इस बात का कोई भी साइंटिफिक प्रूफ नहीं है कि पपीते के पौधे में कील ठोकने से उसमें जल्दी फल आने लगते हैं। पौधे में फल आने की प्रक्रिया उसकी किस्म, पोषण धूप, टेंपरेचर और पानी पर पूरी तरीके से डिपेंड करती है। कील ठोकने से तने में घाव बन जाता है जिससे कि फंगल या बैक्टीरिया इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। कई बार इसे पौधे की वृद्धि को भी नुकसान पहुंचता है। जानिए पपीते में फल जल्दी लाने के लिए कौन सी और तरीका अपनाया जा सकते हैं
45
पपीते के पौधे में फल जल्दी कैसे लाएं?
पपीते के पौधे में फल जल्दी प्राप्त करने हैं, तो पपीते को प्रतिदिन कम से कम 6 से 8 घंटे की धूप लगनी चाहिए। उसके लिए गोबर की खाद, वर्मी कंपोस्ट, पोटाश वाले उर्वरक खाद का इस्तेमाल करें, जिससे कि पौधे के विकास में मदद मिलेगी। जब भी पौधा लगाएं, तो अच्छी गुणवत्ता वाले बीज या पौधे लगाएं। इससे पौधे जल्दी बढ़ते भी हैं और फल भी जल्दी आने की संभावना बढ़ जाती है।
हो सकता है कि कई लोग आपको पपीते के पौधे में कील ठोकने की सलाह दें सकते हैं लेकिन आपको ऐसा नहीं करना चाहिए। इससे पौधे को नुकसान भी पहुंच सकता है। सही बागवानी तकनीक को अपनाकर पौधे से अधिक फल प्राप्त किए जा सकते हैं।