
पौधे लगाने के लिए केवल, मिट्टी और बीज काफी नहीं होती है, बल्कि इन्हें पानी भी देना पड़ता है। कोई गोबर की खाद इस्तेमाल करता है तो कोई बाजार में मिलने वाली ऑर्गेनिक खाद यानी वर्मीकंपोस्ट डालता है। लेकिन क्या कभी सोचा है, यह दोनों ही पौधों को पोषण देती हैं लेकिन इनमें अंतर क्या है और इनका इस्तेमाल कैसे करना चाहिए ? आइए इस आर्टिकल में विस्तार से जानते हैं।
वर्मीकंपोस्ट खाद को केंचुओं की मदद से तैयार किया जाता है। यह जैविक फर्टिलाइजर है, जिस वजह से पौधों में इसका इस्तेमाल होता है।
फायदे
भले वर्मीकंपोस्ट पौधों के लिए रामबाण का काम करता है लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि वर्मीकंपोस्ट से पौधा तुरंत बढ़ जाएगा। कभी-कभी रोशनी, पानी या अन्य गलतियां फर्टिलाइजर डालने के बाद भी पौधा खराब कर देता है।
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सड़ी हुई गोबर की खाद लंबे समय तक मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने के लिए इस्तेमाल की जाती है। अगर आपके गमले की मिट्टी सख्त हो गई है या पानी नहीं निकल रहा है तो यह खाद आसान कर सकती है।
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नोट- गमलों में कभी भी ताजा गोबर को सीधे मिट्टी में नहीं मिलाना चाहिए। ताजा गोबर अच्छी तरह से कंपोस्ट नहीं होता है, ऐसे में जड़े खराब हो सकती है। इसलिए हमेशा अच्छी तरह सड़ी हुई खाद का यूज करें।
पौधे के लिए खाद डालने का अनुपात उसके साइज, गमले की क्षमता और आकार पर निर्भर करता है। सामान्य तौर पर छोटे गमले में थोड़ी मात्रा से शुरुआत करें।
अगर आप लंबे समय तक मिट्टी की सेहत सुधारना चाहते हैं सड़ी गोबर की खाद उपयोगी विकल्प है। वहीं, वर्मीकंपोस्ट पौधों की ग्रोथ में मदद करता है। ऐसे में जरूरत के हिसाब से दोनों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
Source- Facebook @Desimali-garden
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