
Brain Tumor Myths: ‘ब्रेन ट्यूमर’ एक खतरनाक हेल्थ कंडीशन है। ब्रेन ट्यूमर के केस के बारे में अक्सर आस-पास के लोगों से सुनने को मिलता है। लोगों के मन में एक नहीं बल्कि कई ब्रेन ट्यूमर संबंधी मिथ या गलत जानकारी है। मिथक के कारण लोग समय पर बीमारी का इलाज नहीं कराते हैं और मौत को बुलावा देते हैं। आइए जानते हैं ब्रेन ट्यूमर से संबंधित प्रचलित मिथक के आखिर क्या हैं।
1. मिथ: ब्रेन ट्यूमर के इलाज सीमित हैं।
फैक्ट: ब्रेन ट्यूमर के एक नहीं बल्कि कई इलाज उपलब्ध हैं। इनमें सर्जरी, रेडिएशन थेरेपी, कीमोथेरेपी, टारगेटेड थेरेपी और अन्य क्लिनिकल परीक्षण शामिल हैं। ट्यूमर का प्रकार, स्टेज और मरीज की सेहत जैसे कई फैक्टर्स के आधार पर डॉक्टर इलाज करते हैं।
2.मिथ: ब्रेन ट्यूमर का मुख्य लक्षण सिरदर्द है।
फैक्ट: आमतौर पर ब्रेन ट्यूमर का लक्षण सिरदर्द माना जाता है। लेकिन ब्रेन ट्यूमर के और भी कई लक्षण हो सकते हैं। कुछ लोगों में याददाश्त कम होना, देखने में दिक्कत, शरीर में कमजोरी आदि लक्षण दिखाई पड़ते हैं। समय पर जांच कराकर ब्रेन ट्यूमर के बारे में पता लगाया जा सकता है।
3.मिथ: ब्रेन ट्यूमर हमेशा अन्य विकलांगता का कारण बनता है।
फैक्ट: ब्रेन ट्यूमर दिमाग के उन हिस्सों को प्रभावित कर सकता है जो याददाश्त, भाषा जैसी संज्ञानात्मक प्रक्रियाओं में मदद करते हैं। हालाँकि, इससे होने वाली विकलांगता की सीमा हर व्यक्ति की स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
4.मिथ: सभी ब्रेन ट्यूमर कैंसरस होते हैं।
फैक्ट: ब्रेन ट्यूमर दो प्रकार के होते हैं। कैंसर वाले और बिना कैंसर वाले। साफ तौर पर, सभी ट्यूमर कैंसर नहीं होते। अध्ययनों से पता चलता है कि केवल एक तिहाई ब्रेन ट्यूमर ही कैंसर में बदलते हैं। कुछ ब्रेन ट्यूमर तेजी से फैल सकते हैं, जबकि अन्य धीरे-धीरे बढ़ते हैं बिना कैंसर वाले ब्रेन ट्यूमर अपेक्षाकृत कम खतरनाक होते हैं और शरीर के अन्य हिस्सों में फैलने की संभावना कम होती है।
5.मिथ: बढ़ती उम्र में ही ब्रेन ट्यूमर होता है।
फैक्ट: यह एक और गलतफहमी है कि केवल बुजुर्गों को ही ब्रेन ट्यूमर होता है। वास्तविकता यह है कि ब्रेन ट्यूमर किसी भी उम्र के लोगों को हो सकता है। हालांकि, उम्र बढ़ने के साथ, हार्मोन में बदलाव और जीवनशैली में बदलाव ब्रेन ट्यूमर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। बच्चों में भी ब्रेन ट्यूमर के मामले बढ़ रहे हैं।
6.मिथ: ब्रेन ट्यूमर आनुवंशिक होता है।
फैक्ट: परिवार में किसी एक व्यक्ति को ब्रेन ट्यूमर होने का मतलब यह नहीं है कि यह आनुवंशिक रूप से पारित हुआ है, इसका कोई ठोस प्रमाण नहीं है। ब्रेन ट्यूमर के मुख्य कारण पर्यावरणीय या लाइफस्टाइल से जुड़े कारक हैं। लेकिन, कुछ शोध बताते हैं कि आनुवंशिकता से बीमारी होने का खतरा बढ़ सकता है।
ब्रेन एमआरआई, बायोप्सी जैसी विशेष जांच उन लोगों के लिए मददगार हो सकती है जिनके परिवार में ब्रेन ट्यूमर का इतिहास रहा है, ताकि इस स्थिति की संभावना का पता लगाया जा सके।
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