
हेल्थ डेस्क: पुरुषों में प्रोटेस्ट कैंसर की समस्या दिन प्रति दिन बढ़ रही है। इस समस्या से किसी भी पुरुष का सामना हो सकता है। सितंबर माह को प्रोटेस्ट कैंसर के रूप में मनाया जाता है। खास मौके पर टाइम्स नाऊ को दिए इंटरव्यू में यूरोलॉजिस्ट और ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. जॉयदीप घोष ने प्रोटेस्ट कैंसर की जटिलताओं के बारे में बताया। आप भी जानिए कि प्रोटेस्ट कैंसर की सर्जरी कराने के बाद किन दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
यूरीनरी इंकॉन्टिनेंस
जब सर्जरी के दौरान स्फिंचर की मसल्स घायल हो जाती हैं तो यूरीनरी इंकॉन्टिनेंस (मूत्र का रिसाव) की समस्या का खतरा बना रहता है। स्फिंचर मसल्स में ब्लड सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है। डॉक्टर सर्जरी के बाद सॉल्ट वाले फूड्स, कुछ दवाएं और अधिक तरल पदार्थ लेने से मना करते हैं ताकि बार-बार यूरिन पास न करना पड़े।
प्रोटेस्ट कैंसर के बाद ब्लड लॉस
प्रोस्टेट कैंसर की सर्जरी रोबोटिक की जाती है। ऐसे में बहुत कम चांस होते हैं कि ब्लीडिंग की समस्या का सामना करना पड़े। 1 से 2% लोगों को प्रोटेस्ट कैंसर की सर्जरी के बाद ब्लीडिंग होने की संभावना रहती है। आप इस बारे में डॉक्टर से अधिक जानकारी ले सकते हैं।
ब्लैडर नेक कॉन्ट्रेक्चर
जब ब्लैडर के नीचे की तरफ ऊतकों में खिचांव और निशान पड़ जाते हैं तो इस कंडीशन को ब्लैडर नेक कॉन्ट्रेक्चर (BNC) कहते हैं। प्रोस्टेट कैंसर का ये भी बड़ा कॉम्प्लिकेशन माना जाता है। डॉक्टर ऐसी कंडीशन में एल्फा-ब्लॉकर्स ड्रग थेरिपी लेने की सलाह दे सकते हैं।
थ्रोम्बोम्बोलिक इवेंट्स
जब वेंस में खून जमने लगता है तो इसे थ्रोम्बोम्बोलिक इवेंट्स के नाम से जाना जता है। प्रोस्टेट कैंसर सर्जरी के बाद आपको समय-समय पर डॉक्टर से मिलना चाहिए। अगर किसी भी तरह की समस्या महसूस हो रही हो तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं।
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