लाइफस्टाइल : आधुनिक भारत के निर्माता और आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती की 15 फरवरी 2023 को 200वीं जयंती मनाई जा रही है। उनका जन्म सन् 1824 में गुजरात के टंकारा में हुआ। आपको बताते हैं उनके 10 अनमोल वचन जो आपको अपने जीवन में अपनाने चाहिए
लाभ बुराइयों को दूर करता है, सदाचार की प्रथा को पेश करता है, और समाज कल्याण और सभ्यता को जोड़ता है- स्वामी दयानंद सरस्वती
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आप दूसरों को बदलना चाहते हैं ताकि आप आजाद हो सकें। लेकिन यह कभी उस तरह से काम नहीं करता है। दूसरों को स्वीकार करें और आप स्वतंत्र हैं- स्वामी दयानंद सरस्वती
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दुनिया को आप अपना सर्वश्रेष्ठ दीजिए, आपके पास भी सर्वश्रेष्ठ ही लौट कर आएगा- स्वामी दयानंद सरस्वती
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हमें पता होना चाहिए कि भाग्य भी कमाया जाता है थोपा नहीं जा सकता और ऐसी कोई कृपा नहीं है जो कमाई ना जा सके- स्वामी दयानंद सरस्वती
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नुकसान से निपटने में सबसे जरूरी चीज है, उससे मिलने वाली सीख को कभी ना भूलना। यही चीज आपको सही मायने में विजेता बनाएगी- स्वामी दयानंद सरस्वती
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ईश्वर का न तो रूप है और न ही रंग। वह दिव्य और अपार है। दुनिया में जो कुछ भी दिखाई दे रहा है वह उसकी महानता का वर्णन करता है- स्वामी दयानंद सरस्वती
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पूरी तरह से अंधविश्वासी होने के बजाय वर्तमान जीवन में कर्म अधिक महत्वपूर्ण हैं- स्वामी दयानंद सरस्वती
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लोगों को कभी भी चित्रों की पूजा नहीं करनी चाहिए। मानसिक अंधकार का प्रसार मूर्ति पूजा के प्रचलन के कारण है- स्वामी दयानंद सरस्वती
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जीभ से वही निकलना चाहिए जो अपने हृदय में हैं- स्वामी दयानंद सरस्वती
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वो अच्छा और बुद्धिमान है जो हमेशा सच बोलता है, पुण्य के कामों पर काम करता है, और दूसरों को अच्छा और खुश करने की कोशिश करता है- स्वामी दयानंद सरस्वती