गुड़हल के पौधों में मीलीबग लगने से फूल खिलना बंद हो जाते हैं। साबुन-पानी, नीम का तेल और अल्कोहल के मिश्रण जैसे घरेलू उपायों से इन कीटों से छुटकारा पाया जा सकता है और पौधों को स्वस्थ रखा जा सकता है।
गार्डनिंग के शौकीन हो या धार्मिक लोग, जो अपने घर में पूजा-अनुष्ठान के लिए गुड़हल के फुल का उपयोग करते हैं, उनके घरों में अक्सर गुड़हल का पौधा होता है। बता दें कि यदि गुड़हल का पौधा स्वस्थ है, तो आपको टोकरी भर के फूल दे सकते हैं, वहीं लेकिन गुड़हल के कलियों में मीलीबग चिपक जाए, तो ये पेड़ के ग्रोथ को तो रोकती है ही, साथ ही ये फूल भी नहीं खिलने देती है। ऐसे में मीलीबग से छुटकारा पाने के लिए कुछ असरदार उपाय बताएंगे। इन उपायों से गुड़हल के पौधों को Mealybug के संक्रमण से मुक्त किया जा सकता है, और पौधे स्वस्थ रहेंगे। इन उपायों को नियमित रूप से लागू करना चाहिए, खासकर तब जब आपको संक्रमण दिखाई दे।
साबुन और पानी का मिश्रण:
एक मग में पानी लें और उसमें हल्का सा साबुन या फिर हैंडवा या लीक्विड डिटर्जेंट डालकर अच्छे से मिला लें।
इस मिश्रण को एक स्प्रे बोतल में भरकर गुड़हल के पौधों की कलियों और पत्तियों पर स्प्रे करें।
साबुन की हल्की परत मीलीबग्स को जड़ से मार देती है और उनका खात्मा करती है। इस विधि से पौधे को कोई नुकसान नहीं होता और यह प्राकृतिक तरीका है।
नीम का तेल:
नीम का तेल एक पावरफुल नेचुरल कीटनाशक है जो Mealybug को मारने में मदद करता है।
1 लीटर पानी में 2 चम्मच नीम का तेल मिलाकर एक स्प्रे बोतल में डालें और गुड़हल के पौधों पर इसे स्प्रे करें।
यह उपाय Mealybug के अंडों और लार्वा को भी नष्ट करता है, जिससे मीलीबग का संक्रमण दोबारा नहीं होता है।
एल्कोहल और पानी का मिश्रण:
एल्कोहल (आइजोप्रोपिल अल्कोहल) और पानी का मिश्रण भी मीली बग्स को खत्म करने के लिए उपयोगी है।
एक कप पानी में एक चम्मच अल्कोहल मिलाकर मिश्रण तैयार करें।
इस मिश्रण को सीधे प्रभावित हिस्सों पर स्प्रे करें। यह मीली बग्स के शरीर को सूखा कर उन्हें मार देता है और पौधे को नुकसान नहीं पहुँचाता।
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