Travel Tips: राजस्थान के इन 4 मंदिरों का चमत्कार जान हैरान रह जाएंगे आप, यहां रोज होती है ये घटना

Published : Mar 10, 2025, 07:26 PM ISTUpdated : Mar 10, 2025, 09:07 PM IST
rajsthan famous temple of Rajasthan

सार

Temples of Rajasthan: राजस्थान में कई प्रसिद्ध मंदिर हैं, जैसे करणी माता मंदिर, मेहंदीपुर बालाजी मंदिर और ब्रह्मा मंदिर। ये मंदिर आस्था और पर्यटन का केंद्र हैं।

Famous Temples of Rajasthan: राजस्थान भारत का एक ऐसा राज्य है, जहां कई बड़े हिंदू तीर्थ स्थल मौजूद हैं। खास तौर पर मेहंदीपुर बालाजी का नाम तो सभी ने सुना ही होगा। राजस्थान के कुछ तीर्थ स्थल इतने प्रसिद्ध हैं कि देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर से लोग यहां मन्नतें मांगने आते हैं। आइए जानते हैं राजस्थान के इन प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में, जो न सिर्फ राजस्थान के पर्यटन उद्योग को बढ़ाने में मदद करते हैं, बल्कि आस्था का भी बड़ा प्रतीक माने जाते हैं।

करणी माता मंदिर (Karni Mata Temple)

चूहों वाला मंदिर के नाम से प्रसिद्ध करणी माता मंदिर बीकानेर जिले के देशनोक में स्थित है। यह मंदिर करणी माता देवी को समर्पित है, जिन्हें दुर्गा का अवतार कहा जाता है। इस मंदिर का निर्माण महाराजा गंगा सिंह ने 15वीं शताब्दी में करवाया था। अगर वास्तुकला की बात करें तो मंदिर में खूबसूरत संगमरमर के गेट और चांदी की जालियां लगी हुई हैं।

इस मंदिर में बड़ी संख्या में चूहे पाए जाते हैं। करणी माता मंदिर में करीब 25,000 काले चूहे हैं, जिन्हें यहां काबा के नाम से जाना जाता है। इसके अलावा यहां सफेद चूहे भी देखने को मिलते हैं। यहां आने वाले लोगों का मानना ​​है कि सफेद चूहों के दिखने का विशेष महत्व है क्योंकि इन्हें शुभ माना जाता है।

मेहंदीपुर बालाजी मंदिर (Mehndipur Balaji Temple)

हनुमान जी के बालाजी स्वरूप को समर्पित मेहंदीपुर बालाजी मंदिर लोगों को भूत-प्रेत बाधाओं से मुक्ति दिलाने के लिए प्रसिद्ध है। यहां आने वाले भक्त अपनी शारीरिक और मानसिक समस्याओं से मुक्ति पाने के लिए आते हैं।

इस मंदिर में मुख्य रूप से तीन देवताओं की पूजा की जाती है- बालाजी, भैरव बाबा और प्रेतराज सरकार। मेहंदीपुर बालाजी मंदिर की आरती और भोग अनुष्ठान बेहद शक्तिशाली माने जाते हैं। यह मंदिर उन भक्तों के लिए प्रसिद्ध है जो नकारात्मक शक्तियों से प्रभावित हैं।

ब्रह्मा मंदिर पुष्कर (Brahma Temple Pushkar)

दुनिया में बहुत कम ब्रह्मा मंदिर हैं और इन मंदिरों में से एक प्रमुख मंदिर पुष्कर का ब्रह्मा मंदिर है। यह मंदिर भगवान ब्रह्मा को समर्पित है। इस मंदिर में ब्रह्मा जी की चार मुख वाली मूर्ति स्थापित है। 14वीं शताब्दी में बना यह मंदिर पुष्कर झील के पास स्थित है, जिसे सनातन धर्म में बहुत पवित्र माना जाता है।

ऐसा माना जाता है कि इसकी स्थापना ब्रह्मा जी ने राक्षस वज्रनाभ का वध करने के बाद की थी। कार्तिक पूर्णिमा के दिन इस क्षेत्र में विशाल मेला लगता है और हजारों लोग यहां जुटते हैं।

श्री सांवलियाजी मंदिर चित्तौड़गढ़ (Shri Sanwaliyaji Temple Chittorgarh)

चित्तौड़गढ़ के पास मंडफिया में स्थित श्री सांवलियाजी मंदिर भगवान कृष्ण के श्याम रूप को समर्पित है। यहां आने वाले भक्त उन्हें माधव या सांवला श्याम के नाम से भी जानते हैं। इस मंदिर की खोज मध्यकाल में हुई थी, जब यहां खुदाई के दौरान सांवलियाजी की मूर्ति मिली थी। इसके बाद इस मूर्ति को यहां स्थापित कर दिया गया। यह मंदिर राजस्थान के उन मंदिरों में से एक है, जिन्हें सबसे अमीर मंदिर माना जाता है। जन्माष्टमी और कृष्ण से जुड़े त्योहारों पर मंदिर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। यहां आने वाले भक्तों का मानना ​​है कि यहां जो भी मनोकामना मांगी जाती है, वह जरूर पूरी होती है।

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