कितने दिनों तक बांधना चाहिए कलावा, जानें महिला और पुरुष किस हाथ में बांधें

Published : Jan 28, 2025, 10:27 AM ISTUpdated : Jan 28, 2025, 10:33 AM IST
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सार

कलावा सिर्फ 21 दिन तक ही धारण करें। पुराना कलावा मिट्टी या पानी में विसर्जित करें, दोबारा ना बांधें। नया कलावा शुभ मुहूर्त में बंधवाएं।

लाइफस्टाइल डेस्क: कलावा या मौली हाथ में पहने जाने वाला एक लाल-पीले रंग का धागा होता है, जिसके धार्मिक महत्व होते हैं। किसी भी पूजा पाठ के दौरान हाथ में कलावा बांधा जाता है, इतना ही नहीं कहते हैं कि हाथ में कलावा बांधने से नेगेटिविटी दूर होती है और मन शांत होता है। लेकिन अक्सर देखा जाता है कि लोग अपने हाथ में ढेर सारे कलावे बांधे रहते हैं और सालों पुराना कलावा तक हाथ में बंधा रहता है, जबकि नियम क्या कहते हैं कितने दिनों तक आपके हाथ में कलावा बांधना चाहिए और कलावे को उतारने के बाद क्या करना चाहिए आइए हम आपको बताते हैं।

सिर्फ इतने दिनों तक हाथ में बांधे कलावा

इंस्टाग्राम पर karishma.tushar नाम से बने पेज पर कलावा को बांधने के टिप्स शेयर किए गए हैं, जिसमें बताया गया है कि आपको कितने दिनों तक अलावा बांधना चाहिए और उसके बाद इस कलावे का क्या करना चाहिए। आपको बता दें कि जब आप अपने हाथ में कलावा बांधते हैं, तो यह नेगेटिविटी को खींचता है और आपको सुरक्षित रखता है।

 

 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कलावे को केवल 21 दिन तक ही हाथ में बांधना चाहिए, क्योंकि इसके बाद कलावा नेगेटिव एनर्जी को खींचना कम कर देता है। जब आप कलावे को हाथ से निकालें, तो इसे किसी मिट्टी के अंदर दबा दें या पानी में विसर्जित कर दें। ध्यान रखें कि कभी भी पुराना इस्तेमाल किया हुआ कलावा दोबारा हाथ में नहीं बांधना चाहिए, इससे पॉजिटिव एनर्जी खत्म होने लगती है और मन अशांत होता है।

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कलावा बांधने के नियम

  • कलावा हमेशा शुभ मुहूर्त में पूजा के बाद या किसी धार्मिक अनुष्ठान के बाद बांधा जाता है। गुरुवार, पूर्णिमा या किसी त्योहार के दिन भी कलावा बांधना शुभ माना जाता है। 
  • पुरुष और कुंवारे लड़कों को दाएं हाथ में कलावा बांधना चाहिए। वहीं, शादीशुदा महिलाओं को बाएं हाथ में और कुंवारी कन्याओं को दाएं हाथ में कलावा बांधना चाहिए। 
  • कलावा बांधते समय तीन गांठे लगाई जाती हैं। यह गांठे ब्रह्मा, विष्णु, महेश और त्रिदेवी लक्ष्मी, सरस्वती और दुर्गा का प्रतीक होती हैं। 
  • कलावा हमेशा किसी बड़े बुजुर्ग, पुजारी या घर के मुखिया से बंधवाना चाहिए। 
  • हमेशा तीन रंग का कलावा लें, जिसमें लाल, पीला और सफेद रंगों हो। लाल रंग शक्ति का प्रतीक होता है, पीला ज्ञान और समृद्धि और सफेद शांति और पवित्रता का प्रतीक होता है।

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