
हर रोज घर की सफाई करना वर्किंग वूमन के लिए किसी टास्क से कम नहीं होता है। जल्दी उठना, बच्चों को तैयार करना, ब्रेकफास्ट बनाना और समय पर ऑफिस निकलना, इनके बीच पूरे घर में झाड़ू-पोंछा लगाने का काम हैक्टिक हो जाता है। ऐसे में क्यों न बिना झाड़ू-पोंछा किए बिना घर को साफ रखा जाए। अगर आप भी रोज-रोज की सफाई से परेशान हैं तो क्लीनिंग का तरीका बदलने की जरूरत है। इस आर्टिकल में देखें, 6 ऐसे टिप्स जो आपकी मदद कर सकते हैं।
झाड़ू से भले गंदगी एक जगह इकट्ठा की जा सकती है लेकिन जरा सी नजर हटने पर धूल के कण पूरे घर में फैल जाते हैं और आशियाना गंदा लगने लगता है। ऐसे में रोजाना झाड़ू लगाने की बजाय वैक्यूम क्लीनर का इस्तेमाल करें। यह धूल को हवा में उड़ाने की बजाय अंदर की ओर खींचता है।
घर के अंदर सफाई आप जितनी कर लें, अगर धूल आने का रास्ता बंद नहीं है तो मेहनत बढ़ती जाएगी। इसलिए खिड़की-दरवाजों को बंद करना ही काफी नहीं है, बल्कि इनके किनारों पर अच्छी क्वालिटी की रबर या सिलिकॉन सील लगाएं। इसके अलावा मेन डोर के नीचे आप डोर स्वीप लगाकर डस्ट अंदर आने से रोक सकती हैं।
ज्यादातर लोग बाहर जाने वाले जूत-चप्पल घर के अंदर पहनकर चले जाते हैं, जिससे फर्शन गंद होती है। इसलिए घर के अंदर नो शूज पॉलिसी का तरीका अपनाएं। मेन डोर पर गुड क्वालिटी वाले डोरमैट रखें, जिससे जूते के तलवों पर लगी मिट्टी और बारीक कण काफी हद तक साफ हो जाएंगे। साथ ही हर रोज पायदान को वैक्यूम करते रहे ताकि धूल-मिट्टी घर के अंदर न आए।
धूल अक्सर हवा में उड़ जाती है, जिस वजह से टीवी के आसपास, या शोकेस आइटम्स में यह नजर आती हैं। ऐसे में आप एयर प्यूरीफायर खरीद सकते हैं। यह घर के वातावरण में मौजूद बारीक पार्टिकल्स को फिल्टर करने में मदद करता है, लेकिन आपके लिए केवल Air Purifier खरीदना काफी नहीं है, कमरे के हिसाब से CADR और एयर चेंज रेट (ACH) वाला मॉडल खरीदें।
बजट की फिक्र नहीं है या फिर झाड़ू-पोंछा के बिना घर साफ नहीं लगता है तो आप रोबोट वैक्यूम में इन्वेस्ट कर सकते हैं। यह फ्लोर क्लीनिंग को काफी आसान बना देता है। इसमें कई मोड होते हैं जो फर्श को साफ करने के साथ पोंछा भी लगा देता है, जरूरत होगी तो बस टाइमर सेट करने की।
नोट- भारतीय घरों में ऊंचे मार्बल या दरवाजे के सिल्ल होने पर रोबोट की threshold climbing क्षमता जरूर देखें। अगर रोबोट एक कमरे से दूसरे कमरे नहीं पहुंच पाएगा तो ऑटोमेशन का फायदा कम होगा।
कमरे के कोनों और किनारों पर दिखाई देने वाली धूल स्वच्छता की पूरी तस्वीर नहीं है। बेड, सोफा, कार्पेट में डस्ट माइट्स और उसे जुड़े कण मौजूद हो सकते हैं। साथ ही नमी वाली जगहों पर धूल जल्दी बैठती है। ऐसे में घर के अंदर ह्युमिडिटी मैनेज करें।
जवाब है नहीं। घर की जरूरत, थोड़ी सी स्मार्ट प्लानिंग के साथ हर रोज झाड़ू-पोंछा करने की आवश्यकता नहीं है। इसके लिए रोजाना वैक्यूमिंग करें। सही फिल्ट्रेशन अपनाएं। सतहों की सफाई के लिए माइक्रोफाइबर इस्तेमाल करें ताकि रोजाना की भारी सफाई का बोझ कम हो सके।
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