Winter Dry Skin Care: सर्दियों में ठंडी हवा स्किन को ड्राई कर देती है। सही मॉइस्चराइजर, नेचुरल तेल और सही हाइड्रेशन से आप अपनी स्किन को गहराई से मॉइस्चराइज कर सकते हैं, जिससे वह मुलायम और चमकदार बनेगी।
वैसे तो सर्दियों का मौसम सुहावना होता है, लेकिन यह स्किन के लिए काफी मुश्किल हो सकता है। ठंडी हवा और कम नमी से आपकी स्किन रूखी, खिंची-खिंची और बेजान हो सकती है। अगर आप बार-बार मॉइस्चराइजर लगाने के बाद भी रूखी स्किन से परेशान हैं, तो चिंता न करें। कुछ आसान और असरदार तरीकों को अपनाकर आप ठंडे मौसम में भी अपनी स्किन को गहराई से मॉइस्चराइज्ड और हेल्दी रख सकते हैं।
26
गाढ़े मॉइस्चराइजर और बॉडी बटर का इस्तेमाल करें
ठंड के मौसम में त्वचा की नमी जल्दी खत्म हो जाती है, इसलिए हल्के लोशन की जगह गाढ़ा मॉइस्चराइजर या बॉडी बटर इस्तेमाल करें। नहाने के तुरंत बाद, जब त्वचा थोड़ी नम हो, क्रीम लगाने से नमी लॉक हो जाती है। शिया बटर, कोकोआ बटर और ग्लिसरीन वाले प्रोडक्ट्स रूखी त्वचा को गहराई से पोषण देते हैं।
36
गुनगुने पानी से नहाएं, गर्म पानी से बचें
सर्दियों में बहुत गर्म पानी से नहाना अच्छा लगता है, लेकिन यह त्वचा के नैचुरल तेलों को खत्म कर देता है। गुनगुने पानी से नहाने से त्वचा की नमी बनी रहती है और रूखापन कम होता है। कम समय तक नहाएं और हल्के, मॉइस्चराइजिंग बॉडी वॉश का इस्तेमाल करें।
नारियल का तेल, बादाम का तेल या जैतून का तेल सर्दियों में त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। सोने से पहले धीरे-धीरे मसाज करने से त्वचा को गहराई से पोषण मिलता है और रूखेपन से लड़ता है। ये तेल त्वचा की परत को मजबूत करते हैं और लंबे समय तक नमी बनाए रखते हैं।
56
हफ्ते में 1-2 बार हल्के स्क्रब से एक्सफोलिएट करें
रूखी त्वचा पर डेड स्किन सेल्स जमा हो सकते हैं, जिससे मॉइस्चराइजर ठीक से काम नहीं कर पाते। हफ्ते में एक या दो बार हल्के स्क्रब से एक्सफोलिएट करें। इससे डेड स्किन सेल्स हट जाते हैं और त्वचा मुलायम हो जाती है। ध्यान रखें कि तेज स्क्रब का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इससे रूखापन और बढ़ सकता है।
66
अंदर से हाइड्रेटेड रहें
सिर्फ बाहर से क्रीम लगाना ही काफी नहीं है, आपको अपने शरीर को अंदर से भी हाइड्रेटेड रखना होगा। ठंड में आपको कम प्यास लग सकती है, लेकिन पानी, सूप और हर्बल चाय पीते रहें। नट्स और बीज जैसे हेल्दी फैट्स खाने से भी त्वचा की नमी बनी रहती है और रूखापन कम होता है।