
बारिश के मौसम में छत या फिर बालकनी में पानी भरने के साथ ही काई लगने लगती है। काई इतनी खतरनाक होती है कि पैर पड़ते ही फिसल जाता है। यह न सिर्फ आपकी छत को कमजोर करने का काम करती है बल्कि हेल्थ के लिए भी नुकसानदायक होती है। बारिश के मौसम के दौरान आपको कुछ बातों का ख्याल रखना चाहिए ताकि खुले स्थानों जैसे छत या फिर बालकनी में काई न लगे। जानिए कुछ सिंपल टिप्स के बारे में।
अगर छत में या बालकनी में बारिश का पानी जमा होगा और लंबे समय तक इकट्ठा रहेगा, तो काई लगना स्वाभाविक है। आपको बारिश से पहले ही ड्रेनेज हो या फिर पाइप की व्यवस्था कर लेनी चाहिए। पाईप में अगर कुछ फंसा है,तो पानी बहेगा नहीं। बारिश से पहने ही पाइप की सफाई करें ताकि बारिश का पानी तुरंत बाहर निकल जाए।
अगर छत पर अक्सर काई लग जाती है, तो आपको फर्श पर जमी गंदगी और नमी को साफ करना होगा। हार्ड ब्रश की मदद से रोजाना सफाई करें। ऐसा करने से काई पनपने का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
एक बाल्टी पानी में थोड़ा सिरका और बेकिंग पाउडर मिलाकर फर्श पर डालें और कुछ देर बाद ब्रश से साफ करें। ऐसा करने से भी काई लगने की संभावना कम हो जाती है।
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छत और बालकनी पर आप एंटी वाटर प्रूफ कोटिंग करवा सकते हैं। ऐसा करने से सतह पर नमी नहीं टिकती है और इस कारण से काई भी नहीं लगती है।
बालकनी में काई लगने के कारण पौधों के नीचे पानी जमा हो जाता है। अगर आप अतिरिक्त पानी जमा नहीं होने देंगे और गमलों को स्टैंड में रखेंगे, तो काई लगने के चांसेस काफी कम हो जाएंगे। बारिश के मौसम में छत और बालकनी को साफ सुथरा रखने से फिसलन मुक्त रखा जा सकता है।
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