
Government Schemes For Women In India: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हर साल 8 मार्च को मनाया जाता है। इस दिन महिलाओं की उपलब्धियों, अधिकारों और सशक्तिकरण की चर्चा होती है। भारत में महिलाओं की स्थिति लगातार सुधर रही है। भारत सरकार भी महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, सुरक्षा देना और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। आइए जानते हैं ऐसी टॉप सरकारी योजनाओं के बारे में, जिनकी जानकारी हर महिला को होनी चाहिए।
महिलाएं ट्रेन में सुरक्षित सफर कर सकें इसके लिए साल 2020 में ऑपरेशन ‘मेरी सहेली की शुरुआत की थी। इसके तहत महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला आरपीएफ कर्मियों की खास टीमें बनाई गईं। पूरे देश में लगभग 250 ‘मेरी सहेली' टीमें तैनात हैं, जो ट्रेन में महिलाओं से बातचीत करती हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं।
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना की शुरुआत बेटियों के प्रति पॉजिटिव सोच बढ़ाने और उनकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई गई है। इस योजना का मुख्य मकसद बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देना, लिंगानुपात में सुधार करना और समाज में बेटियों के प्रति जागरुकता फैलाना है। यह योजना देशभर में लड़कियों की शिक्षा और सुरक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। साल 2025 में पीएम मोदी ने इस योजना की शुरुआत की थी।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गरीब परिवारों की महिलाओं को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन दिया जाता है। धुएं में खाना बनाती महिलाओं को इस योजना से राहत मिली। वो अपनी आंखों और फेफड़ों को जलाएं बिना आसान और सुरक्षित तरीके से खाना बनाती हैं। इस योजना ने ग्रामीण और गरीब परिवारों की महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है।
सुकन्या समृद्धि योजना खास तौर पर बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए शुरू की गई है। इस योजना के तहत बेटी के नाम पर बचत खाता खोला जाता है। ब्याज की दर ज्यादा मिलती है। इस योजना से बच्चियों के पढ़ाई और शादी में आर्थिक सहायता मिलती है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करती है। इस योजना के दौरान गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को पोषण के लिए सहायता दी जाती है। महिलाओं और नवजात शिशु के हेल्थ पर फोकस किया जाता है। इस योजना में महिलाओं को 5,000 रुपये की राशि तीन किस्तों में दी जाती है, ताकि उन्हें गर्भावस्था के दौरान आर्थिक मदद मिल सके।
मुद्रा योजना के तहत महिला उद्यमियों को अपना व्यवसाय शुरू करने या बढ़ाने के लिए बिना गारंटी के ₹10 लाख तक का ऋण दिया जाता है। वहीं राष्ट्रीय महिला कोष (NFWC) की शुरुआत 1993 में की गई थी, जिसका उद्देश्य निम्न आय वर्ग की महिलाओं को आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराना है, ताकि वे छोटे व्यवसाय शुरू कर सकें। इसके अलावा मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना (बिहार) के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार के लिए ₹2 लाख तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। महाराष्ट्र सरकार की महिला समृद्धि योजना के तहत महिलाओं को 4% की कम ब्याज दर पर ₹25,000 से ₹50,000 तक का ऋण दिया जाता है, जिससे वे छोटे व्यवसाय या घरेलू उद्योग शुरू कर सकें।
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किशोरी शक्ति योजना का उद्देश्य 11 से 18 साल की लड़कियों के हेल्थ, पोषण और कोशल विकास को बेहतर बनाना है। इस योजना के तहत लड़कियों को जीवन कौशन, एजुकेशन और हेल्थ से जुड़ी जानकारी दी जाती है।
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