
अक्सर हम ऐसे इंसान के प्यार में पड़ जाते हैं, जो उम्र में हमसे काफी बड़ा होता है। उस समय दिल के आगे हम इतने मजबूर हो जाते हैं कि इस रिश्ते में आने वाली चुनौतियों पर ध्यान ही नहीं देते। लेकिन जब साथ रहना शुरू करते हैं, तब समझ आता है कि कई बातों में समझौता करना पड़ता है। रेडिट पर एक शख्स ने बिना जेंडर और नाम बताए अपने रिश्ते की कहानी शेयर की है और सवाल किया है कि इस रिश्ते में किसका त्याग ज्यादा बड़ा है।
रेडिट पोस्ट में कहानी कुछ इस तरह है,' मैं 4.5 साल से एक रिश्ते में हूं। हमारे बीच उम्र का बड़ा अंतर है। 20 साल उम्र में फासला है यानी ‘May–December’ रिलेशनशिप। हैरानी की बात यह है कि यह अंतर हमेशा से हमें पसंद आया है। छोटा पार्टनर उम्र से कहीं ज्यादा मेच्योर है और वो हमेशा से बड़े लोगों की ओर अट्रैक्ट रहा है, जबकि बड़ा पार्टनर स्वभाव से थोड़ा इममैच्योर। इसी वजह से हमारी केमिस्ट्री बहुत अच्छी है। उसने आगे लिखा कि हाल ही में हमारे बीच एक पुराना मुद्दा फिर से सामने आया-रिश्ते में किए गए समझौते का।
छोटे पार्टनर का समझौता
छोटे पार्टनर का यह पहला और इकलौता रिश्ता है। कभी-कभी उसे इस बात से फ्रस्टेशन होती है कि उसने बहुत जल्द सेटल हो जाने का फैसला कर लिया। उसे दूसरे लोगों के साथ रिश्ता एक्सप्लोर करने का मौका नहीं मिला।
बड़े पार्टनर का समझौता
वहीं, बड़े पार्टनर की पहले कई गंभीर रिश्ते रह चुके हैं। एक पुराने रिश्ते से उनका एक बच्चा भी है, लेकिन उनका हमेशा से मन था कि वे आगे चलकर और बच्चे करें। छोटा पार्टनर साफ तौर पर कह चुका है कि वह कभी बच्चे नहीं चाहता। इस बात को बड़े पार्टनर ने स्वीकार कर लिया है, लेकिन अंदर ही अंदर उन्हें इस बात का दुख है कि अब वे भविष्य में कभी और बच्चे नहीं कर पाएंगे और यह सपना उन्होंने इसी रिश्ते के लिए छोड़ दिया है।
पोस्ट में आगे लिखा कि हम दोनों यह मानते हैं कि हर रिश्ते में समझौता होता है। हम दोनों एक दूसरे की परवाह करते हैं। साथ में हेल्दी वक्त गुजारते हैं, हम साथ में समय बिताना पसंद करते हैं। हमारी सेक्स लाइफ अच्छी है। हम एक दूसरे के साथ खुश भी हैं।
लेकिन जिस बात पर हमारी सहमति नहीं बन पाती है कि किसका समझौता ज्यादा बड़ा है? क्या जवान उम्र में अपनी आजादी और दूसरे रिश्तों के अनुभव छोड़ देना बड़ा त्याग है? या फिर जीवन में कभी और बच्चे न कर पाने के सपने को छोड़ देना ज्यादा बड़ा समझौता है?
लोगों की राय
रेडिट यूजर्स ने इस पोस्ट पर काफी तीखी और ईमानदार रिएक्शन दीं। ज्यादातर लोगों का मानना है कि रिश्ते में किसने ज्यादा त्याग किया जैसी तुलना करना ही सबसे बड़ी गलती है। एक यूजर ने साफ कहा कि दोनों ही पार्टनर अपरिपक्व लगते हैं, क्योंकि किसी रिश्ते में त्याग को नापना नामुमकिन है। कोई यह तय नहीं कर सकता कि किसने जिस चीज को छोड़ा, उसकी चाहत कितनी गहरी थी। ऊपर से, “मैंने तुम्हारे लिए इतना छोड़ दिया” जैसी सोच रिश्ते के लिए जहर बन जाती है। अगर रिश्ता चलाना है, तो अपने फैसले से खुद संतुष्ट होना जरूरी है, यह सोचकर नहीं कि सब कुछ दूसरे के लिए किया गया।
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