इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक बड़े सवाल का जवाब दिया है कि क्या किसी शादीशुदा मर्द के साथ लिव-इन में रहना अपराध है? कोर्ट के इस अहम फैसले पर अब पूरे देश में बहस छिड़ गई है।
एक शादीशुदा पुरुष और एक महिला लिव-इन में रह रहे थे। उन्हें परिवार और समाज से धमकियां मिल रही थीं। अपनी जान की सुरक्षा के लिए इस जोड़े ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और पूछा कि क्या उनका साथ रहना कोई अपराध है?
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हाईकोर्ट ने क्या कहा?
मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने साफ कहा, 'किसी शादीशुदा व्यक्ति के साथ लिव-इन में रहना कानून की नजर में अपराध नहीं है।' कोर्ट ने माना कि अगर दो लोग अपनी मर्जी से साथ हैं, तो यह उनकी निजी पसंद है।
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कानून और समाज में फर्क
कोर्ट ने एक और अहम बात पर जोर दिया। हो सकता है कि ऐसे रिश्ते समाज की नजर में स्वीकार्य न हों, लेकिन कानून की नजर में इन्हें गलत नहीं कहा जा सकता। अदालत ने साफ किया कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता और जीवन के फैसलों का सम्मान करना जरूरी है।
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पुलिस को सुरक्षा देने का आदेश
इसके साथ ही, कोर्ट ने आदेश दिया कि अगर जोड़े की जान को कोई खतरा है, तो उन्हें सुरक्षा देना पुलिस का कर्तव्य है। यह फैसला दिखाता है कि व्यक्तियों की सुरक्षा को पहली प्राथमिकता माना जाना चाहिए।
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सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
यह फैसला आने के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इस फैसले का समर्थन कर रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग इसे परंपराओं के खिलाफ बताकर इसकी आलोचना कर रहे हैं।