
इटली का एक गांव इन दिनों दुनियाभर में सुर्खियों में है। अब्रूजो क्षेत्र के पाग्लियारा देई मार्सी गांव में 30 साल बाद किसी बच्चे का जन्म हुआ है। इस ऐतिहासिक पल के बाद पूरे गांव में जश्न का माहौल है। मार्च 2025 में लारा बुस्सी त्राबूक्को का जन्म हुआ, जो पिछले तीन दशकों में यहां पैदा हुई पहली बच्ची है।
प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के देश इटली में इस गांव की आबादी लगातार घटती जा रही है। हालात ऐसे हो चुके हैं कि यहां इंसानों से ज्यादा बिल्लियां नजर आती हैं और कई घर खाली पड़े हैं। हालांकि, लारा के जन्म के बाद गांव में फिर से उम्मीद की किरण नजर आने लगी है।
इटली में जनसंख्या की कमी एक गंभीर चुनौती बनती जा रही है। महिलाएं मां बनने में देरी कर रही हैं। लारा के मामले में भी ऐसा ही है—42 साल की मां और 56 साल के पिता की गोद में लारा पहुंची है। यहां महिलाएं काम और मातृत्व के बीच संतुलन न बना पाने की वजह से बच्चे पैदा करने में देर कर रही हैं। गर्भावस्था के दौरान नौकरी छोड़ने की मजबूरी और बाद में दोबारा काम न मिलना भी बड़ी वजह है।
इटली लंबे समय से जनसंख्या गिरावट की समस्या से जूझ रहा है। साल 2024 में देश में जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या घटकर 3,69,944 रह गई, जो पिछले 16 वर्षों से जारी नकारात्मक रुझान को दर्शाती है। वहीं, देश की प्रजनन दर 1.18 पर पहुंच गई है, जो यूरोपीय संघ में सबसे कम दरों में से एक है।
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जनसंख्या बढ़ाने के लिए इटली सरकार लगातार प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं। लारा के जन्म पर उसके माता-पिता को 1,000 यूरो (करीब 1 लाख रुपये) का बेबी बोनस दिया गया है। इसके अलावा हर महीने 370 यूरो (लगभग 37 हजार रुपये) की आर्थिक सहायता भी दी जा रही है।
30 साल बाद किसी बच्चे के जन्म से यह गांव फिर से खिलता नजर आ रहा है। लारा को सिर्फ एक बच्ची नहीं, बल्कि इटली की घटती आबादी के लिए उम्मीद और बदलाव की प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।
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