6 साल में बच्चा पढ़ने लगेगा बुक, पेरेंट्स रीडिंग के लिए अपनाएं ये आसान तरीका

Published : Sep 02, 2025, 02:58 PM IST
Early Childhood Reading Tips

सार

Early Childhood Reading Tips: बच्चों को पढ़ाई में पैरेंट्स का सपोर्ट जरूरी है। फॉनिक्स, चित्र, कहानियां, खेल और राइम्स के जरिए पढ़ाई को मजेदार बनाएं। रोज पढ़ें, परिवार को शामिल करें, आत्मविश्वास और समझ बढ़ाएं।

How can parents help children with reading: छोटे-छोटे बच्चे जब पढ़ाई की दुनिया में कदम रखते हैं, तो उनका सपोर्ट सिस्टम उनके पैरेंट्स बनते हैं। शुरुआती एजुकेशन में पढ़ना और सीखना (Reading) सबसे अहम होता है। टीचर के साथ-साथ पैरेंट्स या घर में मौजूद सदस्य बच्चों को रीडिंग में मदद कर सकते हैं। बच्चे को कैसे पढ़ना जल्दी सिखा सकते हैं, आइए जानते हैं।

सबसे पहले जान लें कि बच्चे को किताब दिखाना उसके लिए कहानियों और तस्वीरों की दुनिया से परिचय कराने जैसा है। यह काम जितनी जल्दी शुरू करें उतना अच्छा है। लेकिन अगर देर से शुरू कर रहे हैं, तो भी कोई दिक्कत नहीं। बच्चे को पढ़ने की आदत डालने के लिए आपकी कोशिशें किसी भी उम्र में फायदेमंद होंगी।

जब बच्चा स्कूल शुरू करे (रिसेप्शन या पहली कक्षा)

इस उम्र में बच्चे फॉनिक्स (अक्षर और ध्वनि को जोड़कर शब्द पढ़ना) सीखते हैं। आप भी स्कूल से जानकारी लेकर फॉनिक्स सिस्टम को समझें। बच्चे को रोज किताब पढ़कर सुनाएं। इससे बच्चे के ब्रेन में यह सिग्नल जाएगा कि अच्छा पढ़ना कैसा होता है। हर रोज बच्चे के साथ ये 6 काम करें-

  • जब बच्चा घर पर स्कूल से शुरुआती किताबें लाए तो उसे साथ बैठकर पढ़ें।
  • दिन भर की व्यस्तता के बावजूद कम से कम 10 मिनट शांति से उसके साथ किताब जरूर पढ़ें।
  • उन्हें बाएं से दाएं अक्षर पहचानने, ध्वनि बोलने और जोड़कर शब्द बनाने में मदद करें।
  • मुश्किल शब्दों पर फॉनिक्स के जरिए समझाएं।
  • अगर बच्चा झिझके तो बारी-बारी से एक-एक सेंटेंस पढ़ें।
  • तस्वीरों और कहानी पर बातचीत करें ताकि बच्चे को पढ़ना मजेदार लगे।

सबसे जरूरी है कि इसे खेल और मजे की तरह पेश करें, ताकि बच्चा और पढ़ने की इच्छा रखे। अगर बच्चा पढ़ने से मना करें तो जबरदस्ती बिल्कुल ना करें।

दूसरी कक्षा के आगे के बच्चों को पढ़ना कैसे सिखाएं?

कई बच्चे फॉनिक्स समझ लेते हैं, लेकिन उन्हें फ्लुएंट यानी धाराप्रवाह पढ़ने में समय लगता है। आप इन तरीकों से उनकी मदद कर सकते हैं:-

  • साथ मिलकर पढ़ें – जैसे कोरस में बोलते हैं, वैसे ही शब्द एक साथ पढ़ें।
  • री-रीडिंग – बच्चा एक पैराग्राफ पहले पढ़े, फिर दोबारा अधिक अभिव्यक्ति के साथ पढ़े।
  • पहले खुद पढ़ें – आप जोर से पढ़ें और फिर बच्चे को उसी अंदाज में पढ़ने को कहें।
  • परिवार को शामिल करें – बड़े भाई-बहन या दादा-दादी के साथ किताब पढ़वाएं।

इन तरीकों से बच्चे की गति, लय और आत्मविश्वास बढ़ता है। साथ ही, वह कहानी को बेहतर समझ पाता है और पढ़ने में मजा आने लगता है।

और पढ़ें: Parenting Tips: माता-पिता की ये 3 आदतें, बच्चों को गलत रास्ते पर ले जाते हैं

छोटे बच्चे जो अभी स्कूल नहीं गए, उनके साथ करें ये काम

पढ़ने की नींव पहले से भी रखी जा सकती है। छोटे बच्चों के लिए ये मजेदार तरीके आजमाएं-

  • आवाज और हरकत वाले खेल खेलें- जैसे पिकाबू या गुदगुदी खेल।
  • नर्सरी राइम्स गाएं और साथ में एक्शन करें- जैसे इंसी विंसी स्पाइडर या ओल्ड मैकडॉनल्ड।
  • बात करते समय छोटे-छोटे एक्शन जोड़ें- जैसे फ्लाइंग किस, हाथ हिलाना या हार्ट शेप बनाना।
  • तस्वीरों वाली किताबें पढ़कर सुनाएं।
  • ऐसी किताबें चुनें जिनमें लय, तुकबंदी और दोहराव हो- जैसे Dear Zoo या We’re Going on a Bear Hunt।
  • बच्चे के लेवल पर बैठकर किताब दिखाएं ताकि वह चेहरा और होंठ देख सके।
  • चेहरे के हावभाव और बड़े जेस्चर का इस्तेमाल करें।
  • पढ़ते समय तस्वीरों पर उंगली रखें और बच्चे को ध्यान से देखने का समय दें।
  • प्रॉप्स का इस्तेमाल करें-जैसे The Gingerbread Man पढ़ते समय चम्मच पकड़ाकर हिलाने को कहें।

इसे भी पढ़ें: मेंटल हेल्थ की समस्या से जूझता बचपन: बच्चे में ऐसे 4 लक्षण दिखें तो पैरेंट्स हो जाएं सावधान

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