
What is Fictosexuality ? फिल्म के हीरो या नॉवेल के किसी हैंडसम किरदार पर किसका दिल नहीं आया होगा? लेकिन सोचिए, अगर ये पसंद सिर्फ एक क्रश से बढ़कर गहरे प्यार और यौन आकर्षण में बदल जाए तो? इसी स्थिति को फिक्टोसेक्सुअलिटी (Fictosexuality) कहते हैं। रिपोर्ट्स बताती हैं कि दुनिया भर में यह चलन तेजी से बढ़ रहा है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें लोग असली इंसानों के बजाय काल्पनिक किरदारों (Fictional Characters) के प्रति भावनात्मक और यौन रूप से ज्यादा आकर्षित महसूस करते हैं। वे किताबों, फिल्मों, टीवी शो और वीडियो गेम के किरदारों के साथ रिश्ता बनाते हैं। एक्सपर्ट्स इसे 'एसेक्सुअलिटी' (Asexuality) जैसी व्यापक यौन पहचान का ही एक हिस्सा मानते हैं।
फिक्टोसेक्सुअलिटी के बढ़ने के मुख्य तौर पर तीन कारण है….
मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, यह कोई बीमारी नहीं, बल्कि किसी व्यक्ति की यौन पहचान का एक रूप है। जैसे दूसरों के प्रति आकर्षण अलग-अलग तरह का होता है, वैसे ही फिक्टोसेक्सुअलिटी भी है। जो लोग समाज के बनाए जेंडर के नियमों और शादी के बंधनों से दूर रहना चाहते हैं, वे भी अक्सर यह रास्ता चुनते हैं।
संक्षेप में कहें तो, जब कल्पना, टेक्नोलॉजी और प्यार एक साथ मिलते हैं, तो इंसानी रिश्तों की परिभाषाएं बदल जाती हैं। भले ही यह कई लोगों को अजीब लगे, लेकिन जिन्होंने फिक्टोसेक्सुअलिटी को अपनी पहचान के रूप में अपनाया है, उनके लिए यह उनके जीवन का सबसे अहम रिश्ता है।