Fictosexuality: काल्पनिक किरदारों से प्यार, जानिए क्या है फिक्टोसेक्सुअलिटी?

Published : Jan 05, 2026, 11:07 AM IST
Gemini AI

सार

फिक्टोसेक्सुअलिटी काल्पनिक किरदारों के प्रति यौन और भावनात्मक आकर्षण है। यह चलन बढ़ रहा है क्योंकि इसमें धोखे का डर नहीं होता और रिश्ते पर पूरा नियंत्रण रहता है। इसे बीमारी नहीं, बल्कि एक यौन पहचान माना जाता है।

What is Fictosexuality ? फिल्म के हीरो या नॉवेल के किसी हैंडसम किरदार पर किसका दिल नहीं आया होगा? लेकिन सोचिए, अगर ये पसंद सिर्फ एक क्रश से बढ़कर गहरे प्यार और यौन आकर्षण में बदल जाए तो? इसी स्थिति को फिक्टोसेक्सुअलिटी (Fictosexuality) कहते हैं। रिपोर्ट्स बताती हैं कि दुनिया भर में यह चलन तेजी से बढ़ रहा है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें लोग असली इंसानों के बजाय काल्पनिक किरदारों (Fictional Characters) के प्रति भावनात्मक और यौन रूप से ज्यादा आकर्षित महसूस करते हैं। वे किताबों, फिल्मों, टीवी शो और वीडियो गेम के किरदारों के साथ रिश्ता बनाते हैं। एक्सपर्ट्स इसे 'एसेक्सुअलिटी' (Asexuality) जैसी व्यापक यौन पहचान का ही एक हिस्सा मानते हैं।

लोग इसकी ओर क्यों आकर्षित हो रहे हैं?

फिक्टोसेक्सुअलिटी के बढ़ने के मुख्य तौर पर तीन कारण है….

  • असली रिश्तों में मिलने वाले धोखे या रिजेक्शन का डर यहां नहीं होता। 2018 में एक होलोग्राफिक सिंगर से शादी करने वाले जापान के अकिहिको कोंडो (Akihiko Kondo) का कहना है कि उनकी पार्टनर उन्हें कभी धोखा नहीं देगी, न बीमार पड़ेगी और न ही मरेगी।
  • इस रिश्ते की रफ्तार और διάρκεια पूरी तरह से व्यक्ति के कंट्रोल में होती है। वे जब चाहें इस रिश्ते को खत्म कर सकते हैं या इसमें बदलाव ला सकते हैं।
  • टेक्नोलॉजी का विकास: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट्स के आने से इस ट्रेंड को और भी रफ्तार मिली है। बात करने और भावनाएं शेयर करने वाले AI गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड आज कई लोगों के लिए जीवनसाथी बन रहे हैं।

क्या यह एक बीमारी है?

मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, यह कोई बीमारी नहीं, बल्कि किसी व्यक्ति की यौन पहचान का एक रूप है। जैसे दूसरों के प्रति आकर्षण अलग-अलग तरह का होता है, वैसे ही फिक्टोसेक्सुअलिटी भी है। जो लोग समाज के बनाए जेंडर के नियमों और शादी के बंधनों से दूर रहना चाहते हैं, वे भी अक्सर यह रास्ता चुनते हैं।

संक्षेप में कहें तो, जब कल्पना, टेक्नोलॉजी और प्यार एक साथ मिलते हैं, तो इंसानी रिश्तों की परिभाषाएं बदल जाती हैं। भले ही यह कई लोगों को अजीब लगे, लेकिन जिन्होंने फिक्टोसेक्सुअलिटी को अपनी पहचान के रूप में अपनाया है, उनके लिए यह उनके जीवन का सबसे अहम रिश्ता है।

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