अमेरिका-जापान, कोरिया के कपल्स मंथ में कितनी बार बनाते हैं संबंध? फैक्ट जानकर चौंक जाएंगे

Published : Feb 07, 2026, 11:50 AM IST

Couples Intimacy: अमेरिका की तुलना में, जापान और कोरिया जैसे एशियाई देशों में स्थिति और भी खराब है। अमेरिकी रिसर्च फर्म टॉकर रिसर्च और वेलनेस ब्रांड LELO के एक हालिया सर्वे में चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं।  

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आश्चर्यजनक तथ्य सामने आए

विकसित देशों में बदलती लाइफस्टाइल का शादीशुदा जिंदगी पर गहरा असर पड़ रहा है। अमेरिकी रिसर्च फर्म टॉकर रिसर्च और वेलनेस ब्रांड LELO के एक हालिया सर्वे में चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। सर्वे में पाया गया कि अमेरिका में चार में से एक कपल महीने में एक बार भी फिजिकल रिलेशन नहीं बनाता है।

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इंटीमेसी कम होने का कारण

2,000 लोगों पर किए गए सर्वे के मुताबिक, कपल्स के बीच इंटीमेसी कम होने की वजह प्यार की कमी नहीं, बल्कि इसका सबसे बड़ा दुश्मन थकान है। जी हां, अमेरिका में सर्वे में शामिल लगभग 38 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे थकान के कारण फिजिकल रिलेशन बनाने से बचते हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य समस्याएं, काम का दबाव और कपल्स की इच्छाओं में अंतर भी अन्य कारण हैं।

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औसतन 18 मिनट तक

औसतन, अमेरिकी कपल्स महीने में केवल चार बार ही संबंध बनाते हैं, जो औसतन 18 मिनट तक चलता है। दिलचस्प बात यह है कि फिजिकल रिलेशन की कमी के बावजूद, 71 प्रतिशत कपल्स अपनी शादी से संतुष्ट हैं। यह बताता है कि कपल्स फिजिकल रिलेशन से ज्यादा इमोशनल बॉन्ड को महत्व देते हैं। जो कपल्स दिन भर एक-दूसरे से बात करते हैं, उनके करीब आने की संभावना ज्यादा होती है।

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जापान में बहुत ज्यादा दूरी

अमेरिका की तुलना में, जापान और कोरिया जैसे एशियाई देशों में स्थिति और भी खराब है। बिना किसी शारीरिक समस्या के एक महीने से ज्यादा समय तक संबंध न बनाने वाले कपल्स के मामले में जापान दुनिया में सबसे आगे है, जहां 64 प्रतिशत कपल्स एक ही घर में रहते हुए भी फिजिकल रिलेशन से बचते हैं। यह वहां के समाज में सेक्स में रुचि की भारी गिरावट को दिखाता है। इसी तरह, बच्चों की देखभाल और काम के दबाव के कारण 36 प्रतिशत कोरियाई कपल्स अलग-अलग कमरों में या अलग-अलग समय पर सोते हैं, जिससे उनके बीच दूरियां और बढ़ जाती हैं।

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क्या है समाधान?

दुनिया भर में औसतन 20% कपल्स ऐसे हैं जो सेक्शुअली एक्टिव नहीं हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह सिर्फ एक व्यक्तिगत समस्या नहीं, बल्कि एक सामाजिक समस्या है।
वर्क-लाइफ बैलेंस: काम के बहुत ज्यादा घंटों को कम करना और एनर्जी बचाना जरूरी है।
कम्युनिकेशन: अपने पार्टनर से खुलकर बात करना एक हेल्दी रिश्ते की नींव है।
प्राइवेसी: कपल्स को प्राइवेसी मिल सके, इसके लिए घर के माहौल और पेरेंटिंग कल्चर में बदलाव करने की जरूरत है। 

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