64वें स्थापना दिवस पर मध्य प्रदेश में दिखेंगे कला-संस्कृति के कई रंग

Published : Oct 31, 2019, 05:50 PM IST
64वें स्थापना दिवस पर मध्य प्रदेश में दिखेंगे कला-संस्कृति के कई रंग

सार

मध्य प्रदेश 1 नवंबर को अपना 64वां स्थापना दिवस मनाने जा रहा है। स्थापना दिवस पर प्रदेशभर में आयोजन होंगे। भोपाल के लाल परेड ग्राउंड पर तीन दिवसीय कार्यक्रम होंगे। स्थापना दिवस पर सभी सरकारी इमारतों को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है।

भोपाल. मध्य प्रदेश 1 नवंबर को अपना 64वां स्थापना दिवस मनाने जा रहा है। स्थापना दिवस पर प्रदेशभर में आयोजन होंगे। भोपाल के लाल परेड ग्राउंड पर तीन दिवसीय कार्यक्रम होंगे। स्थापना दिवस पर सभी सरकारी इमारतों को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। लाल परेड ग्राउंड पर कार्यक्रम का शुभारंभ शाम 7 बजे होगा। इसमें गोंड जनजातीय सैला नृत्य और मृदुमबाजा की प्रस्तुति होगी। सुगम संगीत में मुंबई के प्रसिद्ध संगीत निर्देशक और गायक अमित त्रिवेदी अपनी प्रस्तुति देंगे। साथ ही गुलाम साबिर निजामी बंधु कव्वाली पेश करेंगे।

2 नवंबर को शाम 6.30 बजे से सागर के शिवरतन यादव का बुंदेली गायन, बाड़मेर के गाजी खां का मांगणियार गायन, पश्चिम बंगाल के सुरेंद्र पांडेय का पुरुलिया छाऊ, खंडवा की साधना उपाध्याय का गणगौर नृत्य और ओरंगाबाद के पार्वती दत्ता का कथक समूह नृत्य होगा।

3 नवंबर को शाम 6.30 बजे से रीवा के राजमणि तिवारी दुलदुल घोड़ी नृत्य पेश करेंगे। दुर्ग के काशीराम साहू नाचा लोकनृत्य, वाराणसी के आशीष मिश्रा गायन और मुंबई के नीलाद्रि कुमार सितार वादन पेश करेंगे।

उल्लेखनीय है कि 1 नवंबर, 1956 को नए राज्य के रूप में मध्य प्रदेश बना था। इसकी राजधानी भोपाल को बनाया गया। 1 नव‍ंबर,1956 को मध्य प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री के तौर पर पं.रविशंकर शुक्ल का पहला भाषण इसी लाल परेड ग्राउंड पर हुआ था।

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