
नई दिल्ली. निजामुद्दीन में तब्लीगी जमात जलसे से कोरोना संक्रमण के कितने केस बढ़े हैं, इसका अंदाजा इसी से लगा लीजिए कि तमिलनाडु में तब्लीगी में शामिल हुए 110 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। तमिलनाडु स्वास्थ्य सचिव बीला राजेश ने कहा, हमारी अपील पर मरकज में भाग लेने गए लोगों में से 1103 सदस्यों के स्वेच्छा से सामने आने पर हम सबका धन्यवाद करते हैं। हमने उनमें से 658 का टेस्ट किया है। अभी तक 110 लोगों का कोरोना वायरस टेस्ट पॉजिटिव आया है।
तब्लीगी में शामिल लोग कर रहे परेशान, कर्मचारियों से दुर्व्यवहार किया
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार ने बताया, तब्लीगी जमात निजामुद्दीन के 167 लोग कल रात 9 बजकर 40 मिनट पर 5 बसों में तुगलकाबाद क्वारंटाइन सेंटर पहुंचे थे। 97लोगों को डीजल शेड ट्रेनिंग स्कूल हॉस्टल में और बाकी 70 को आरपीएफ बैरक क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया है। ये लोग सुबह से अनियंत्रित थे और खाने पीने की अनुचित मांग कर रहे थे। उन्होंने क्वारंटाइन सेंटरों के कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया। इसके अलावा उन्होंने काम करने वाले सभी लोगों और डॉक्टरों पर थूकना शुरु कर दिया। हॉस्टल बिल्डिंग में भी घूम रहे थे।
- उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार ने बताया, साउथ ईस्ट दिल्ली के डीएम को उन्हें नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम या किसी सुरक्षित जगह पर शिफ्ट करने के लिए कहा गया था। शाम 5:30 बजे दिल्ली पुलिस के 4 सिपाही और 6 सीआरपीएफ जवानों के साथ पीसीआर वैन को क्वारंटाइन केंद्रों पर तैनात किया गया।
तब्लीगी का महाराष्ट्र कनेक्शन
मरकज निजामुद्दीन गए 13 बांग्लादेशी नागरिक और असम के 2 लोग जो ठाणे आए थे उन्हें होम क्वारंटीन कर दिया गया है। उनकी टेस्ट की रिपोर्ट कल तक आएगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
तब्लीगी का कर्नाटक कनेक्शन
कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री बी श्रीरामुलु ने कहा, लगभग 2000 लोगों ने जमात में हिस्सा लिया था, जिसमें से कर्नाटक से 300 लोग थे। उनमें से 40 लोगों की पहचान कर 12 लोगों का टेस्ट किया गया जो नेगेटिव आया। जो भी इस सभा में गए थे हम उनसे सामने आने की गुजारिश की है।
क्या है निजामुद्दीन मरकज तब्लीगी जमात मामला?
- निजामुद्दीन में 1 से 15 मार्च तक तब्लीगी जमात मरकज का जलसा था। यह इस्लामी शिक्षा का दुनिया का सबसे बड़ा केंद्र है। यहां हुए जलसे में देश के 11 राज्यों सहित इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड से भी लोग आए हुए थे। यहां पर आने वालों की संख्या करीब 5 हजार थी। जलसा खत्म होने के बाद कुछ लोग तो लौट गए, लेकिन लॉकडाउन की वजह से करीब 2 हजार लोग तब्लीगी जमात मरकज में ही फंसे रह गए। लॉकडाउन के बाद यह इकट्ठा एक साथ रह रहे थे।
- तब्लीगी मरकज का कहना है कि इस दौरान उन्होंने कई बार प्रशासन को बताया कि उनके यहां करीब 2 हजार लोग रुके हुए हैं। कई लोगों को खांसी और जुखाम की भी शिकायत सामने आई। इसी दौरान दिल्ली में एक बुजुर्ज की मौत हो गई। जांच हुई तो पता चला कि वह कोरोना संक्रमित था और वहीं निजामुद्दीन में रह रहा था। तब इस पूरे मामले का खुलासा हुआ।
- खुलासा होने के बाद तब्लीगी मरकज से लोगों को निकाला गया। जो तब्लीगी मरकज से लौटकर अपने घर गए थे, वे भी कोरोना संक्रमित पाए गए। उनमें 10 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें तेलंगाना में 6, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र और जम्मू-कश्मीर में एक-एक व्यक्ति की मौत कोरोना संक्रमण से मौत हुई है।
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