Shocking AI Summit Theft in Delhi! दिल्ली AI समिट में बेंगलुरु फाउंडर का हाई-सिक्योरिटी वियरेबल चोरी! क्या PM मोदी के दौरे के दौरान सुरक्षा फेल हुई? NeoSapien का पेटेंटेड AI डिवाइस गायब, कैसे और क्यों हुई यह चोरी?
Delhi AI Summit: दिल्ली में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में बेंगलुरु के नियोसेपियन (NeoSapien) के को-फाउंडर और CEO धनंजय यादव का पेटेंटेड AI वियरेबल चोरी हो गया। यह घटना समिट के पहले दिन हुई, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के लिए सभी अटेंडीज़ को अपने बूथ खाली करने का आदेश मिला। यादव ने इसे खुद ‘शॉकिंग’ बताया और सवाल उठाया कि हाई-सिक्योरिटी एरिया में ऐसा कैसे हो सकता है। NeoSapien का वियरेबल एक एडवांस्ड AI डिवाइस है, जो बातचीत को ट्रैक और इमोशंस को एनालाइज़ कर सकता है। कंपनी इसे पहली बार इंडिया AI समिट में दिखाने आई थी।
दिल्ली AI समिट का पहला दिन: उत्साह से निराशा तक
धनंजय यादव ने अपने X पोस्ट में बताया कि समिट के पहले दिन उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। AI इम्पैक्ट समिट भारत में अपने तरह का पहला हाई-प्रोफाइल इवेंट है। समिट भारत मंडपम में हो रहा था और इसमें शामिल थे:
- सुंदर पिचाई (Google CEO)
- बिल गेट्स (Microsoft Co-Founder)
- सैम ऑल्टमैन (OpenAI CEO)
लेकिन NeoSapien के लिए यह पहला दिन एक सस्पेंस और रहस्य में बदल गया। यादव ने बताया कि उन्होंने फ्लाइट, लॉजिस्टिक्स और बूथ के लिए भी पैसे खर्च किए थे, लेकिन उनका AI वियरेबल हाई-सिक्योरिटी एरिया से गायब हो गया। PM मोदी के दौरे के दौरान, सुरक्षा कर्मियों ने दोपहर 12 बजे सभी एटेंडीज़ को अपने बूथ खाली करने का आदेश दिया। यादव ने सुरक्षा को समझाया कि उनका वियरेबल भारत का पहला पेटेंटेड AI डिवाइस है और इसे प्रदर्शन करने की अनुमति दी जाए।
क्या सुरक्षा टीम पर भरोसा करना गलत था?
धनंजय यादव ने सुरक्षा टीम से पूछा कि क्या वह वियरेबल्स अपने साथ ले जाएँ, लेकिन उन्हें भरोसा दिलाया गया कि सब सुरक्षित रहेगा। यादव ने अपने वियरेबल्स वहीं छोड़ दिए। लेकिन जब वह छह घंटे बाद अपने बूथ पर लौटे, तो देखा कि NeoSapien वियरेबल्स गायब थे। बूथ पर खाली डिब्बे और बिखरे सामान ने उनकी निराशा बढ़ा दी।
धनंजय ने लिखा, “हमने फ्लाइट, लॉजिस्टिक्स और बूथ के लिए भी पैसा खर्च किया, लेकिन हमारा हाई-सिक्योरिटी ज़ोन में रखा वियरेबल गायब हो गया। अगर सिर्फ़ सिक्योरिटी और ऑफिसियल लोगों को ही एक्सेस था, तो यह कैसे हुआ?”
क्या यह चोरी कोई दुर्घटना थी या योजना?
यह घटना यह सवाल उठाती है कि हाई-सिक्योरिटी इवेंट्स में AI प्रोडक्ट्स की सुरक्षा पर भरोसा करना कितना सुरक्षित है। क्या चोरी का कोई नेटवर्क था या यह बस सुरक्षा में तालमेल की कमी का नतीजा था? NeoSapien के CEO का कहना है कि यह घटना उनके लिए बेहद निराशाजनक और चौंकाने वाली है।


