AI Summit New Delhi 2026: नई दिल्ली में इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 की शुरुआत हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत मंडपम में इसका उद्घाटन करेंगे। समिट के साथ AI एक्सपो में 300 से ज्यादा पवेलियन, 600+ स्टार्टअप्स और 13 देशों की भागीदारी होगी।

India AI Summit 2026: भारत एक बार फिर टेक्नोलॉजी की दुनिया में बड़ा कदम रखने जा रहा है। आज सोमवार से नई दिल्ली में एआई इंपैक्ट समिट (AI Impact Summit 2026) की शुरुआत हो रही है। यह सिर्फ एक कॉन्फ्रेंस नहीं, बल्कि ऐसा ग्लोबल मंच है जहां यह तय होगा कि आने वाले सालों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंसान और दुनिया के लिए कैसे काम करेगा? इस ऐतिहासिक आयोजन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) 16 फरवरी 2026 को शाम 5 बजे भारत मंडपम (Bharat Mandapam) में करेंगे।

India AI Impact Summit 2026 क्या है?

यह समिट भारत द्वारा आयोजित एक वैश्विक मंच है, जहां दुनिया भर के टेक लीडर्स, स्टार्टअप्स, वैज्ञानिक, नीति निर्माता और सरकारी प्रतिनिधि एक साथ बैठकर AI के भविष्य की दिशा तय करेंगे। यह आयोजन नई दिल्ली में हो रहा है और इसे ग्लोबल साउथ में होने वाला इस सीरीज़ का पहला ग्लोबल AI समिट माना जा रहा है। इसका मकसद है कि AI सिर्फ टेक्नोलॉजी न रहे, बल्कि इंसान, समाज और पर्यावरण के लिए काम करे।

India AI Impact Expo 2026: AI को लाइव देखने का मौका

समिट के साथ ही इंडिया एआई इंपैक्ट एक्सपो (India AI Impact Expo 2026) भी आयोजित हो रहा है। यहां 300 से ज्यादा क्यूरेटेड एग्जीबिशन पवेलियन, 600 से ज्यादा हाई-पोटेंशियल स्टार्टअप्स, 13 देशों के पवेलियन, लाइव डेमो और असली AI सॉल्यूशंस देखनने को मिलेगा। पूरे एक्सपो को तीन थीम में बांटा गया है, People, Planet और Progress.. यानी AI कैसे लोगों के लिए, पर्यावरण के लिए और देश की तरक्की के लिए काम करेगा।

AI समिट को लेकर PM मोदी का मैसेज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया भर से लोगों का भारत आना हमारे युवाओं की क्षमता और देश की तेजी से बढ़ती ताकत को दिखाता है। उन्होंने यह भी कहा कि विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भारत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और वैश्विक विकास में अहम योगदान दे रहा है।

India AI Impact Summit 2026 के पहले दिन के बड़े मुद्दे

1. रोड सेफ्टी में AI

भारत में हर साल लाखों सड़क हादसे होते हैं। अब सवाल है कि क्या AI इन्हें कम कर सकता है? इस सेशन में एक्सीडेंट पैटर्न को समझने में डेटा की भूमिका, रिस्क पहले से पहचानने के तरीके, ड्राइवर ट्रेनिंग में AI का इस्तेमाल और हाइपरलोकल मॉडल्स से सुरक्षित ट्रैफिक सिस्टम पर चर्चा होगी। यह सेशन ट्रांसपोर्ट मंत्रालय, IITs और अलग-अलग सेक्टर के एक्सपर्ट्स के साथ होगा।

2. भविष्य की पढ़ाई और नौकरी

AI नौकरियों को बदल रहा है। कुछ काम खत्म होंगे, कुछ नए काम बनेंगे। इस सेशन में आने वाले समय में कौन-सी स्किल जरूरी होगी, कैसे युवाओं को री-स्किल किया जाए और AI के दौर में रोजगार का नया नक्शा पर चर्चा होगी।

3. न्याय व्यवस्था में AI

क्या AI अदालतों की फाइलों का बोझ कम कर सकता है? चर्चा के मेन पॉइंट्स केस मैनेजमेंट को ऑटोमेट करना, कानूनी रिसर्च आसान बनाना, वर्चुअल कोर्ट को मजबूत करना और बैकलॉग कम करना है। अगर यह सफल हुआ, तो आम आदमी को तेज़ न्याय मिल सकता है।

4. स्मार्ट और क्लाइमेट-रेजिलिएंट खेती

खेती भी अब टेक्नोलॉजी से जुड़ रही है। AI मौसम और मिट्टी का डेटा, बेहतर फसल अनुमान, पानी और संसाधनों का सही उपयोग और जलवायु बदलाव से निपटने के उपाय में कैसे मदद करेगा? यह सेशन किसानों के भविष्य के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

5. सामाजिक और सांस्कृतिक नजरिया

AI सिर्फ कोड नहीं है। अगर वह समाज की सोच और संस्कृति को नहीं समझेगा, तो फेल हो सकता है। इसलिए समिट में यह भी चर्चा होगी कि AI सिस्टम को अलग-अलग सामाजिक संदर्भों के अनुसार कैसे तैयार किया जाए।

क्यों खास है यह समिट?

  • 5 राउंड की पब्लिक कंसल्टेशन के बाद यह आयोजन हो रहा है।
  • पेरिस, बर्लिन, ओस्लो, न्यूयॉर्क, जिनेवा, बैंकॉक और टोक्यो में ग्लोबल आउटरीच सेशन हो चुके हैं।
  • तीन गाइडिंग सिद्धांत People, Planet, Progress
  • यह सिर्फ टेक इवेंट नहीं, बल्कि नीति और भविष्य की दिशा तय करने वाला मंच है।