राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत चल रहे टोबैको फ्री यूथ कैंपेन 3.0 में वर्ष 2025-26 के दौरान उत्तर प्रदेश ने ऑनलाइन ‘नो टोबैको प्लेज’ में देश में पहला स्थान हासिल किया। हरियाणा दूसरे, राजस्थान तीसरे और दिल्ली चौथे स्थान पर रहे। अभियान का उद्देश्य युवाओं को तंबाकू से दूर रखना है।

लखनऊ। तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने और युवाओं को तंबाकू के सेवन से दूर रखने के उद्देश्य से चलाए जा रहे राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश ने एक बार फिर देश में पहला स्थान हासिल किया है। केंद्र सरकार के टोबैको फ्री यूथ कैंपेन 3.0 के तहत आयोजित ऑनलाइन ‘नो टोबैको प्लेज’ अभियान में वर्ष 2025-26 के दौरान उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक लोगों ने भागीदारी की। इस राष्ट्रीय सूची में उत्तर प्रदेश के बाद हरियाणा दूसरे, राजस्थान तीसरे और दिल्ली चौथे स्थान पर रहे।

लगातार दूसरे साल उत्तर प्रदेश को मिला शीर्ष स्थान

राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण अभियान में उत्तर प्रदेश की यह सफलता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम मानी जा रही है। राज्य ने इससे पहले वर्ष 2024-25 में भी टोबैको फ्री यूथ कैंपेन 2.0 के दौरान ऑनलाइन ‘नो टोबैको प्लेज’ में देशभर में पहला स्थान हासिल किया था। लगातार दूसरे वर्ष यह उपलब्धि राज्य के युवाओं, स्कूलों, स्वास्थ्य विभाग और तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की टीम के संयुक्त प्रयासों से संभव हो पाई है।

कब शुरू हुआ टोबैको फ्री यूथ कैंपेन 3.0

टोबैको फ्री यूथ कैंपेन 3.0 की शुरुआत 09 अक्टूबर 2025 को की गई थी। यह राष्ट्रीय अभियान शिक्षा मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त प्रयासों से संचालित किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को तंबाकू के नुकसान के बारे में जागरूक करना, उन्हें तंबाकू का सेवन न करने की शपथ दिलाना और एक तंबाकू मुक्त पीढ़ी तैयार करना है।

स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में हुए जागरूकता कार्यक्रम

अभियान के तहत देशभर के स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में कई तरह की गतिविधियां आयोजित की गईं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • तंबाकू के दुष्प्रभावों पर जागरूकता कार्यक्रम
  • शिक्षकों का प्रशिक्षण
  • तंबाकू मुक्त संस्थानों की घोषणा
  • छात्रों और युवाओं के लिए ऑनलाइन ‘नो टोबैको प्लेज’

इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को तंबाकू के नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई और उन्हें तंबाकू से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया।

एनसीसी, एनएसएस और छात्रों की बड़ी भागीदारी

उत्तर प्रदेश में इस अभियान को बड़े पैमाने पर जनभागीदारी के साथ सफल बनाया गया। एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में इस अभियान में हिस्सा लिया और ऑनलाइन तंबाकू न लेने की शपथ ली। इसके साथ ही लोगों को तंबाकू की लत छोड़ने में मदद देने के लिए भी कई सेवाएं और परामर्श कार्यक्रम चलाए गए।

तंबाकू मुक्त भारत के लक्ष्य की ओर बड़ा कदम

केंद्र सरकार के तंबाकू मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं की बढ़ती भागीदारी से भविष्य में तंबाकू के उपयोग को कम करने और एक स्वस्थ समाज बनाने में मदद मिलेगी।