
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने बताया है कि रूस-यूक्रेन युद्ध में रूसी सेना के लिए काम करने वाले 26 भारतीयों की मौत हो गई है। रूसी सेना में अवैध रूप से 202 भारतीय शामिल थे। केंद्र ने यह भी बताया कि इनमें से सात लोग लापता हैं और 119 को वापस लाया जा चुका है। 50 और लोगों को वापस लाने की कोशिशें जारी हैं। केंद्र ने यह कदम तब उठाया जब खबर आई कि रूसी सेना में मलयाली लोग भी फंसे हुए हैं। इस महीने की शुरुआत में, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत का दौरा किया था। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बुलावे पर भारत आए थे। 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने आए पुतिन, भारत के साथ कई अहम समझौतों पर दस्तखत करने के बाद लौटे।
केंद्र सरकार ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे को बहुत बड़ी सफलता बताया है। विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि यह एक ऐसा दौरा होगा जिसे हमेशा याद रखा जाएगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने लिखा कि यह एक बेहद सफल दौरा था। सरकार का मानना है कि व्यापार को दोगुना करना और 2030 तक के लिए आर्थिक सहयोग योजना तैयार करना एक बड़ी उपलब्धि है। भारत-रूस के संयुक्त बयान से संकेत मिला कि भले ही रूस से तेल का आयात कम हो गया हो, लेकिन इसे रोका नहीं जाएगा। तेल आयात में कमी के बावजूद, भारत ने और ज़्यादा उर्वरक खरीदने के एक समझौते पर भी दस्तखत किए। कल एक और समझौते पर दस्तखत हुए, जिससे खनन जैसे क्षेत्रों में भारत के विशेषज्ञों और मजदूरों को रूस जाने में मदद मिलेगी। पश्चिमी मीडिया ने भी पुतिन के भारत दौरे को काफी अहमियत देते हुए रिपोर्ट किया।
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